मांगों के समर्थन में गाड़ागुशैन में एकत्रित किसान।स्रोत संगठन
थुनाग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ और किसान सभा की संयुक्त बैठक गाड़ागुसैन में हुई। बैठक में सेब उत्पादक संघ राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा ने कहा कि आज प्रदेश सरकार लगातार किसानों को जमीन से बेदखल कर रही है। कहीं पर यह बेदखली नाजायज कब्जों के नाम से, कहीं पर विभिन्न प्रोजेक्ट और सड़कों के नाम पर की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के सामने तथ्यों को सही तरीके से नहीं रख रही, जिसकी वजह से उच्च न्यायालय भी किसानों को बेदखल करने के आदेश दे रहा है। सरकार कॉरपोरेट्स और अन्य परियोजनाओं के लिए हजारों हेक्टेयर जमीन आवंटित कर रही है। मगर आपदा में किसानों की जमीन तबाह हो चुकी है, लेकिन उन्हें घर बनाने के लिए दो बिस्वा जमीन तक नहीं मिल रही। ऐसे में हर किसान को कम से कम पांच बीघा जमीन देने की मांग उठाई गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 मार्च को शिमला में होने वाले विधानसभा मार्च में क्षेत्र से 50 किसान हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज के भवन के मुद्दे पर भी संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक में हेम सिंह, हेमराज, हीरालाल, पीर सिंह, भगत सिंह, किशोरी लाल, कर्म सिंह, चुन्नीलाल, घनश्याम सिंह, मनोज कुमार और ओम दत्त सहित अन्य किसान मौजूद रहे।