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चार गुना मुआवजा देने में सरकार नाकाम

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नेरचौक (मंडी)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार को शिमला में सब कमेटी की बैठक को निराशाजनक बताया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि चार गुना मुआवजे समेत अन्य मांगों को पूरा करने में सरकार नाकाम रही है।
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शिमला में सब कमेटी की बैठक से आस थी, लेकिन वह धराशायी हुई है। मांगों को पूरा करने के चुनावी वादे से सरकार मुकर रही है। आने वाले उपचुनावों और विस चुनावों में सरकार इसका अंजाम भुगतने को तैयार रहे। समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष जोगिंदर वालिया, राजकुमार वर्मा, जितेंद्र, भूप सिंह सकलानी, मोहन ठाकुर, बीरबल, नरेश, मोहिंद्र ठाकुर, दिनेश सेन, होतम सोखला, मदनलाल शर्मा और नंद लाल वर्मा ने कहा कि सरकार तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद कोई फैसला नहीं ले सकी है।
फोरलेन में आर्बिट्रेशन मामले तीन साल से मंडलीय न्यायालय में लंबित पड़े हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दूसरी तरफ नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) को सरकार ने लागू कर दिया गया, जिससे मुसीबत अधिक बढ़ गई है। यदि सरकार मांगों को पूरा नहीं करती तो विरोध तेज किया जाएगा।
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ये हैं मांगें
प्रस्तावित फोरलेन के साथ लगते गांवों को टीसीपी योजना से निरस्त करना, फोरलेन में आने से बचे हुए जमीन और मकान के अवार्ड घोषित किए जाएं, मकानों का मुआवजा लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिकृत रेट के अनुसार मिले, प्रभावित स्थानीय लोगों को रोजगार, विस्थापित दुकानदारों को उचित मुआवजा, रोड प्लान में बदलाव, टनल के कारण घरों का नुकसान का मुआवजा, प्रस्तावित बस स्टैंड के पास पैदल पथ या भूमिगत रास्ते बनाए जाने, स्कूलों और मंदिरों को पुनर्स्थापित करने की मांग भी शामिल हैं।
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