लडभड़ोल (मंडी)। ठंड से ठिठुर रहे करीब 500 लावारिस पशुओं को जल्द आश्रय मिलेगा। पशुपालन विभाग मंडी ने जिले का सबसे बड़ा गोसदन लडभड़ोल में तैयार कर दिया है। प्रसिद्ध कुड्ड नागेश्वर महादेव मंदिर के पास बने गोसदन का कार्य पूरा हो चुका है। गोवंश को रखने के बाद उनके चारे की व्यवस्था न होने के चलते शुभारंभ कार्य में देरी हो रही है।
गोसदन के लिए करीब दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। अब तक 1.99 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। लावारिस पशुओं के लिए चारे का प्रबंध होते ही इसका शुभारंभ कर दिया जाएगा। सड़कों, खेतों और गलियों में लावारिस पशुओं से आमजन परेशान हैं। लावारिस पशु हादसों की वजह भी बन रहे हैं। जिले में 18 गोसदन में 1600 पशुओं को आश्रय दिया गया है।
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लड़भड़ोल में गोसदन तैयार किया गया है। इसके शुभारंभ को लेकर सभी औपचारिकताओं को पूरा करवाया जा रहा है। जल्द ही जनता को समर्पित करवा दिया जाएगा।
-अतुल पूरी, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग मंडी
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लावारिस पशुओं को रहने और चारे की व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। हाल में हुई बारिश के कारण गोसदन के पीछे मिट्टी जमा हो गई थी। इसे हटाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर इसका उद्घाटन करवाया जाएगा।
-डॉ. मनीष आनंद, पशु चिकित्सक अधिकारी, लडभड़ोल