मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को मंडी की विभिन्न घाटियों से आए देवी-देवताओं के कारदारों ने निचले पड्डल मैदान का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासन द्वारा देवी-देवताओं के बैठने के लिए प्रस्तावित स्थान का जायजा लिया गया, जिस पर सभी कारदारों ने अपनी सहमति जताई।
निरीक्षण के बाद सर्व देवता सेवा समिति जिला मंडी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने कारदारों के साथ बैठक की। उन्होंने विशेष अनुरोध किया कि तीनों जलेबों के दौरान कारदार अपने-अपने देवताओं की छड़ी और शेष लेकर निर्धारित स्थान पर खड़े रहें। जब भगवान राज माधव राय की जलेब वहां से गुजरे तो सभी कारदार उनका भव्य स्वागत करें।
इससे न केवल पुरानी परंपराओं का निर्वहन होगा, बल्कि यह दृश्य आम जनमानस और पर्यटकों के लिए भी अत्यंत दर्शनीय और शोभनीय होगा। इस दौरान कारदारों की ओर से यह भी अनुरोध किया गया कि जिन तीनों जलेबों से देवी-देवताओं के बैठने का स्थान प्रारंभ होता है, वहां से लेकर चाननी तक जलेब निकाली जाए।
इस बार प्रशासन और समिति ने देवताओं के बैठने के क्रम में विशेष बदलाव का प्रस्ताव रखा है। कुछ अपवादों को छोड़कर अधिकांश देवता अपनी-अपनी घाटियों के अनुसार एक निर्धारित क्रम में विराजमान होंगे। इससे श्रद्धालुओं को अपने आराध्य देव को ढूंढने के लिए पूरे मैदान में भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही स्थान पर घाटी के देवताओं के होने से श्रद्धालु सुगमता से अपनी पूजा-अर्चना और मन्नतें पूरी कर सकेंगे।
इस मौके पर हुकम चंद, राजू राम, गोबिंद राम, उप प्रधान रेवती राम, डीके पाल, खीमा राम, भगत राम, घनश्याम ठाकुर, लेख राज पटियाल, टेक चंद, गीता राम, बाला राम, डोले राम, कर्म सिंह, गिरधारी लाल और हरीश ठाकुर सहित विभिन्न देव समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।