क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में शाम 6ः00 बजे डापिंग साइट से लौटाई गाडी से गिराया गीला और सूखा कूड़ा
मंडी। गीले और सूखे कूड़े को लेकर हाईकोर्ट की गाइडलाइन का दूसरे विभागों से पालन करवाना नगर निगम मंडी के लिए चुनौती बन गया है। जागरूक करने के बावजूद लोग और सरकारी संस्थान गीला और सूखा कूड़ा एक साथ दे रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में चार दिन में दूसरी बार ऐसा मामला आया है, जब डंपिंग साइट बिंद्रावणी में कूड़े का निष्पादन कर रहे नगर निगम के सफाई कर्मियों ने कूड़े से भरी गाड़ी को वापस भेज दिया।
हालांकि दोपहर बाद दो से तीन बजे तक अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने कूड़े की छंटनी भी की थी, लेकिन वह सूखे और गीले कूड़े में अंतर नहीं समझ पाए और गीले के साथ ही सूखा कूड़ा गाड़ी में डाल दिया। गाड़ी के डंपिंग साइट में पहुंचने पर जब जांच की गई तो गीले के साथ सूखा कूड़ा भी पाया गया। इसके बाद तुरंत गाड़ी को अस्पताल वापस भेज दिया गया। उधर, नगर निगम के सफाई निरीक्षक ने बताया कि गीला कूड़ा होने की वजह से गाड़ी को वापस लौटाया गया।
उधर, जोनल अस्पताल मंडी के सफाई पर्यवेक्षक रोशन ने बताया कि कूड़े की छंटाई कर ही इसे भेजा जा रहा है। अस्पताल परिसर में कई बाहर के दुकानदार और लोग भी कूड़ा गिरा रहे हैं। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकालकर देखा जाएगा कि कौन-कौन गिरा रहा है। इसके लिए एमएस से भी बात की जाएगी। वार्डों में तीमारदार व मरीज गीला व सूखा कूड़ा एक साथ डस्टबिन में डाल रहे हैं। इसके बावजूद सफाई कर्मी उसे अलग कर निगम को दे रहे हैं।