मंडी जिले में दो वर्षों में 5.34 करोड़ की वित्तीय सहायता की स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना लोगों के जीवन में खुशियों के रंग भर रही है। योजना से प्रदेश सहित मंडी जिले में जरूरतमंद लोगों का घर बनाने का सपना साकार हुआ है। 2024-25 में जिले में अनुसूचित जाति के 151 लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 2.27 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के तीन मकानों के लिए 4.50 लाख रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के छह परिवारों को मकान बनाने के लिए नौ लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत वर्ष 2023-24 में अनुसूचित जाति के 187 परिवारों को मकान बनाने के लिए लगभग 2.80 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के तीन मकानों के लिए 4.50 लाख रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के छह मकानों लिए नौ लाख रुपये का आवंटन किया गया है।
सदर विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत साईगलू के नालसन गांव निवासी योजना के लाभार्थी मान सिंह ने बताया कि परिवार सहित एक कच्चे कमरे में जीवन-बसर कर रहे थे। पंचायत में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के बारे में पता चला। आवेदन के बाद सरकार की ओर से मकान के लिए डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इससे दो पक्के कमरों का मकान बनाया।
उधर, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिले में बीते दो वर्षों में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 356 परिवारों को मकान बनाने के लिए 5.34 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
.....
यह है पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनकर्ता हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। उसकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। राजस्व रिकॉर्ड में उसके नाम पर मकान बनाने के लिए जमीन होनी चाहिए। उसके पास अपना मकान नहीं होना चाहिए।