फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चार याचिकाएं खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी। जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजा एवं लाभ से जुड़ी चार याचिकाएं खारिज करते हुए मध्यस्थ का अवार्ड बरकरार रखा है। अदालत ने नंद लाल, नागेंद्र पाल, अखिल ठाकुर, राम लाल के मामले में भूमि एवं संरचनाओं के अधिग्रहण से संबंधित विवादों का निपटारा किया।
विज्ञापन

चारों मामलों के तथ्यों के अनुसार वर्ष 2015 में केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 (नेरचौक से मनाली फोरलेन परियोजना) के लिए भूमि, संरचनाओं और अन्य संपत्तियों का अधिग्रहण किया। अधिग्रहण के बाद सक्षम प्राधिकारी की ओर से 2018 में मुआवजा निर्धारित किया गया। भूमि मालिक मुआवजे की राशि में वृद्धि, मल्टीप्लायर फैक्टर (गुणांक) के पुनर्निर्धारण और अधिनियम 2013 की धारा 30(3) के तहत अतिरिक्त लाभ पाने के लिए मध्यस्थता के माध्यम से अपनी मांगें दर्ज कराते रहे।
मध्यस्थ कम मंडलायुक्त ने आंशिक निर्णय देते हुए अधिकांश मुआवजे को उचित माना और कुछ लाभों को लागू किया। मुआवजे में वृद्धि की मांग करते हुए भूमि मालिकों ने मध्यस्थ के अवार्ड को चुनौती दी। न्यायालय ने सभी पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और सरकारी अधिसूचनाओं की गहन समीक्षा की। सुनवाई के दौरान मध्यस्थ के निर्णयों पर पुनर्विचार या संशोधन की मांग को अदालत ने उचित नहीं माना। न्यायालय ने मध्यस्थ के अवार्ड को उचित ठहराया और याचिकाएं खारिज की। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें