ढेलू और बनोग बीटों में लगी आग पांच हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान, दमकल जवानों ने पाया काबू
मई माह में ही आग की 25 घटनाओं में 230 हेक्टेयर वन संपदा को पहुंचा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। वन मंडल जोगिंद्रनगर में लगातार भड़क रही जंगल की आग से अब रिहायशी इलाकों को भी खतरा पैदा हो गया है। ढेलू और बनोग बीट में जंगल में आग की दो और घटनाओं से वन विभाग की करीब पांच हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। मंडी-कांगड़ा सीमा से सटे घट्टा के जंगलों में आग से पुलिस चौकी और वहां पर स्थापित एक मंदिर पर भी खतरा मंडरा गया है। यहां पर दहक रहे जंगल की आग को काबू पाने के लिए दमकल विभाग के कई जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी आग पर काबू पाने के लिए साहस दिखा रही हैं, लेकिन हर रोज बैजनाथ की ओर से लग रही आग से वन मंडल जोगिंद्रनगर की बहुमूल्य संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। वीरवार को वन परिक्षेत्र जोगिंद्रनगर के आरओ अक्षय राणा ने बताया कि दस हेक्टेयर भूमि पर रोपे गए करीब पांच हजार पौधों को जंगल की आग से नुकसान पहुंचा है।
जोगिंद्रनगर शहर के नजदीकी डोहग के टोबड़ी में भी आग से वन क्षेत्र को क्षति पहुंची है। बनोग बीट में वीरवार को लगी आग से वन संपदा जलकर राख हो गई। दमकल विभाग जोगिंद्रनगर के प्रभारी कर्म चंद ने बताया कि ढेलू के समीप रिहायशी इलाके की ओर आग जब बढ़ रही थी तो दमकल विभाग ने इस पर काबू पाया। इससे एक मकान को जलने से बचाया गया। दमकल विभाग के प्रभारी कर्म सिंह ने बताया कि मंडी-पठानकोट हाईवे से सटे जंगलों में लगातार भड़क रही आग से लाखों की संपत्ति भी बचाई जा चुकी है। बता दें कि वन मंडल जोगिंद्रनगर में मई माह में ही आग की 25 घटनाएं हो चुकी है। 230 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए वन कर्मियों की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते हर रोज आग से वन संपदा के नुकसान का आंकड़ा बढ़ रहा है। इस बारे डीएफओ जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि जोगिंद्रनगर के जंगलों में भड़क रही आग को काबू पाने के लिए वन विभाग 24 घंटे सेवाएं दे रहा है। पुलिस और दमकल विभाग के साथ कुछ स्वयं सहायता समूह के लोग भी जंगलों को आग से बचाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। बावजूद उसके भी जंगल की आग का सिलसिला थम नहीं रहा है।