मंडी में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में उपायुक्त अ
मंडी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी जिले में छह माह में निरीक्षण के दौरान 20 खाद्य पदार्थ कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। इन खाद्य पदार्थों के नमूने मानकों के विपरीत पाए गए हैं। इन खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों से पांच लाख रुपये जुर्माना वसूल किया है। जिले में स्कूलों के समीप स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण एवं रोक के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए जिला नियंत्रक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सहित स्कूल प्रबंधन का भी सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि स्कूल परिसर से 50 मीटर की दूरी तक स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक ट्रांस फैट युक्त भोज्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकती है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को पाठशाला के मुख्य द्वार पर आवश्यक सूचना पट्ट स्थापित करने का प्रावधान है। पाठशाला परिसर से बाहर दोनों ओर निर्धारित दूरी तक ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण का जिम्मा जिला नियंत्रक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति का होगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष एक जून से लेकर 19 दिसंबर, 2025 तक जिले में 205 निरीक्षण किए गए। इस अवधि में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 137 नमूने जांच के लिए उठाए गए। इनमें से 91 की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है जिनमें 20 नमूने निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए हैं। जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया।
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