मंडी में बैठक कर तैयार की रणनीति, अनदेखी पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल पथ पेंशनर कल्याण संगठन की मंडी इकाई की बैठक वरिष्ठ नागरिक भवन में हुई। बैठक में पांच सितंबर को विधानसभा भवन के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई।
यूनियन के मंडी इकाई प्रधान अनूप कपूर ने बताया कि उपमुख्यमंत्री को पेंशनरों की प्रमुख समस्याओं के संबंध में पिछले दो वर्षों में कई बार मिलने और ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है। इस संबंध में पेंशनर संगठन से भी बातचीत नहीं की गई है। इसी कारण संगठन की राज्य कार्यकारिणी को सरकार और परिवहन मंत्री को जगाने और चेताने के लिए पांच सितंबर एचआरटीसी मुख्यालय शिमला पुराने बस अड्डा पर धरना और विधानसभा मार्च के निर्णय लेने को विवश होना पड़ रहा है। अनूप ने बताया कि मंडी के सभी पेंशनरों ने विरोध-प्रदर्शन में बढ़चढ़ कर भाग लेने का निर्णय लिया। क्योंकि सरकार पेंशनरों की समस्याओं का निवारण करने, करोड़ों रुपये के एरियर के भुगतान करने और बातचीत करने को लेकर गंभीर नहीं है, जबकि विपक्ष में रहते हुए वर्तमान उपमुख्यमंत्री एचआरटीसी पेंशनरों की इन्हीं समस्याओं के समाधान की वकालत पूर्व सरकार के समक्ष करते रहे हैं, लेकिन आज परिवहन मंत्री के रूप में पेंशनरों की समस्याओं पर संवाद करने को भी तैयार नहीं हैं। इस मौके पर मंडी इकाई के रोशन लाल कटोच, सुरेश चंद्र, देवी सिंह, चंद्र सिंह, प्रेम सिंह रावत, बलवंत सेन व अन्य मौजूद रहे।
ये हैं मुख्य मांगें
संगठन की मांगों में हर माह पेंशन के लिए समुचित राशि 25 करोड़ रुपये अलग से बजट में दिए जाएं। इसके अलावा पिछली सरकार के समय से लगभग तीन वर्षों से लंबित संशोधित पेंशन के एरियर की पहली किश्त 50 हजार रुपये की अदायगी के साथ दूसरी किश्त का भी भुगतान तुरंत किया जाए। जनवरी 2015 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का दोबारा पेंशन संशोधन का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। इसके अलावा संशोधित पेंशन और डीए के एरियर का तुरंत भुगतान किया जाए।