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Mandi News: मत्स्य फार्म अनदेखी के जाल में फंसा

Mon, 23 Sep 2024 09:59 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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थुनाग (मंडी)। करोड़ों रुपये की लागत से जंजैहली में बना मत्स्य फार्म उद्घाटन के दो साल बाद ही बदहाल हो गया है। विभागीय अनदेखी की जाल में फंसा और उचित रखरखाव के अभाव में फार्म ट्राउट मछली के लिए तरस गया है।
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मत्स्य विभाग ने मंडी जिले के नदी नालों और खड्डों के विस्तृत शोध के बाद जंजैहली को ट्राउट मछली पालन के लिए उपयुक्त पाया था। यहां पर फिश पौंड और हैचरी स्थापना का निर्णय लिया था। इस बाद विभाग ने जंजैहली में बाखली खड्ड के किनारे करोड़ों रुपये खर्च कर फिश पौंड और हैचरी का निर्माण किया था।
जंजैहली में मत्स्य विभाग ने ट्राउट मछली प्रजनन के लिए एक हैचरी, चार पौंड और एक बड़ा टैंक बनाया है। बाखली खड्ड से इस टैंक के लिए पानी की आपूर्ति की जानी थी, लेकिन मुख्य स्रोत के पास पाइपलाइन बरसात में बह चुकी हैं। इससे फिश पौंड के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। अब फिश पौंड में घास उग आई है। इसके साथ ही प्रजनन के लिए बनाई हैचरी पर भी ताला लग गया है।
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मत्स्य विभाग ने दावा किया था कि जिला मंडी के चौथे मत्स्य फार्म जंजैहली में जल्द ट्राउट मछलियां डाली जाएंगी। जंजैहली में ट्राउट मछलियां डालने से सराज के लोगों को घर-द्वार मछली के बीज की सुविधा भी मिलनी थी। पिछले साल आपदा के दौरान फार्म के लिए लगाई गई पाइप लाइन के बहने से मछलियां डालने का मामला अटक गया था। मगर फिश पौंड की दयनीय हालत देखकर इस वर्ष भी मछली डालने की संभावना नहीं है।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में किसानों का रूझान बढ़ा है। बरसात में जंजैहली ट्राउट फार्म को नुकसान हुआ था। जल्द मरम्मत कार्य कर मत्स्य फार्म में मछलियां डाल दी जाएंगी। लोगों को घर-द्वार बीज मिल सकेंगे। साथ ही किसानों को जागरूक कर उन्हें सरकार की योजनाओं को फायदा दिलाया जा रहा है।
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-नीतू सिंह, सहायक निदेशक, मत्स्य पालन विभाग, मंडी
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