गोहर (मंडी)। सुकेत और नाचन वन मंडल के कुटाहची और सरोआ बीट के जंगलों में भयंकर आग लगने से करोड़ों की वन संपदा राख हो गई है। साथ ही जीव जंतु भी जल गए हैं। छोटे पेड़ पौधों को भारी नुकसान हुआ है तथा कमरूघाटी के कई सेब बगीचे भी आग की चपेट में आए हैं। पिछले दो दिन से लगी भयंकर आग ने कमरूघाटी में तबाही मचा रखी है। बान, चीड़, देवदार, कायल, काफल और बुरांस समेत दर्जनों प्रकार के पौधों की प्रजातियां आग में जल गई हैं।
शुक्रवार रात को कुटाहची बीट में वन रक्षक मनीष कुमार और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पा लिया था। शनिवार सुबह फिर आग भड़कने से जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। शनिवार को कुटाहची गांव से दर्जनों युवकों और महिलाओं ने वन विभाग की टीम के साथ आग बुझाने में सहयोग दिया। कमरूघाटी स्थित जालपा मंदिर परिसर तक जंगल की आग पहुंच गई थी। मंदिर कमेटी ने मंदिर परिसर को आग बुझा कर सुरक्षित कर दिया। दारन गांव में बिलासपुर निवासी सेवानिवृत्त डीआईजी के सेब बगीचे में भी आग से नुकसान हुआ है। कुटाहची गांव में बिसमता देवी के सेब के पौधे भी आग की चपेट में आकर जल गए।
ग्रामीण चंद्रमणी, भूपा देवी, कांशी राम, नीलू, नीटू, बिसमता, धर्मा देवी, नागू, राकेश कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी भयंकर रूप से फैली थी कि इसे काबू करना मुश्किल हो गया। जंगल में आग लगने से जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में पहुंच गए हैं। वन रक्षक मनीष कुमार ने बताया कि आग को काबू करने के ग्रामीण के साथ हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।