सौंदरनगर बस स्टैंड में बुधवार को सवारियां न होने से खड़ी हुई सरकार व निजी बसें
- फोटो : Mandi
मंडी। बाहरी राज्यों के लिए रूट मर्ज करने और 50 फीसदी सवारियों का नियम लागू करने के पहले दिन एचआरटीसी समेत निजी बस संचालकों को नुकसान हुआ। सवारियां न मिलने के कारण करीब निगम को चालीस से पचास फीसदी रूट रद्द करने पड़े हैं। वहीं निजी बस ऑपरेटरों ने जिला में 470 रूटों में से 220 रूट रद्द किए हैं। अगर यही आलम रहा तो निजी बस संचालक बसें खड़ी करने की तैयारी कर रहे हैं। जिला मंडी के मुख्य बस अड्डों के हालात कुछ इस कदर रहे।
समय 11:30 बजे। बस अड्डा मंडी। गद्दीधार करसोग वाया सरकाघाट बस में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दस ही सवारियां बैठीं। इसके अलावा अन्य अधिकतर बसें बिना सवारियों की दिखी। बस अड्डा खाली दिखाई दिया और कुर्सी पर इंतजार करते हुए लोग नहीं दिखे। बस अड्डा प्रभारी सुरेंद्र कुमार व्यवस्था पर पैनी निगाह बनाए हुए दिखे। उन्होंने बताया कि मंडी डिपो के 210 रूटों में से 40 रूट रद्द हुए हैं। सवारियां कम होने के चलते बसों को नहीं भेजा जा रहा है। वहीं पचास फीसदी लांग रूट बाधित हैं। केवल मंडी हरिद्वार- चंडीगढ़, मंडी- दिल्ली, मंडी-चंडीगढ़ रूट पर बसें भेजी जा रही हैं। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के चेयरमैन गुलशन कुमार दीवान भी दिखे। उन्होंने बताया कि बसों में 20 प्रतिशत सवारियां भी नहीं मिल पा रही हैं। बसों में चार-चार सवारियां ही मिल रही हैं। जिससे निजी बस संचालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो एक-दो दिन में बसों को चलाना बंद करना पड़ेगा। जिला में निजी 470 रूटों में से 220 रूट रद्द करने पड़े हैं।