भूमि मंच के संयोजक बोले, हाईकोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से भूमि मुआवजे को लेकर एक अप्रैल 2015 की अधिसूचना को रद्द करने के फैसले का फोरलेन संघर्ष समिति और भूमि अधिग्रहण मंच के पदाधिकारियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस फैसले से फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा दिलाने की आस जग गई है।
शनिवार को मंडी शहर में प्रेसवार्ता में भूमि मंच अपनी आवाज के संयोजक जोगिंद्र वालिया ने कहा कि उच्च न्यायालय के इस फैसले से किसानों को राहत मिली है। अब किसानों को भूमि का चार गुना मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने एक अप्रैल 2015 को फैक्टर एक अर्थात दो गुना मुआवजा अदायगी की अधिसूचना जारी की थी। वर्ष 2017 में भाजपा ने वादा किया था कि हमारी सरकार बनेगी तो फैक्टर दो अर्थात चार गुना मुआवजा प्रभावित किसानों को देंगे। 2021 और 2022 में रैली और विधानसभा धर्मशाला का घेराव कर इसे लेकर मांग पत्र दिया था।
भूमि अधिग्रहण मंच के अध्यक्ष बेली राम कौंडल ने कहा कि पिछले दस साल से सरकार ने समस्या का हल नहीं किया। 2018 में मंत्रिमंडल के सदस्य गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी लेकिन सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामले को ले जाती है तो फोरलेन समिति भी अपनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ेगी। संवाद