बल्हघाटी के डडौर में टमाटर की खेती के लिए खेत में कार्य करता युवा
बग्गी (मंडी)। बारिश होने से अब किसानों ने टमाटर की खेती के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पनीरी के लिए खेत बनाए जा रहे हैं। युवा किसान टमाटर की फसल को महत्व देकर बड़े स्तर पर खेती कर रहे हैं। कुछेक युवाओं ने तो भूमि भी ठेके पर ले रखी है। हालांकि पनीरी लगाने का समय 15 जनवरी से शुरू होता है। पौध लगाने का समय मार्च में होता है। बल्ह और नाचन में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती की जाती है। क्षेत्र की ढाबण, भयारटा, सलवाहन, कोट दियारगी सहित बग्गी क्षेत्र की दर्जनों पंचायतें ऐसी हैं जहां के किसान टमाटर की फसल से आर्थिकी सुदृढ़ कर रहे हैं।
किसान विनय, विकास, संजय, सुनील, आशीष, विजय, तंवर और अंशुल ने बताया कि पढ़ाई और ट्रेनिंग किए 20 से 25 वर्ष बीत चुके हैं। नौकरी न मिलने से 8 से 10 वर्षों से टमाटर की खेती कर रहे हैं। अब सरकार ने टमाटर उत्पादन में प्रयोग होने वाले बांस की कटाई पर रोक लगा दी है। इससे बांस की जीप 15 से अधिक में पड़ रही है। पहले 11 से 13 हजार रुपये में मिल जाती थी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि टमाटर की फसल में प्रयोग होने वाले बांस की जगह प्रदेश सरकार को लोहे या प्लास्टिक के डंडे (पोल) अनुदान पर उपलब्ध करवाए।
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टमाटर की पनीरी के लिए 15 जनवरी से उपयुक्त समय शुरू हो जाता है। विभाग टमाटर के बीज को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवा रहा है।
-चौधरी राम, विषयवाद विशेषज्ञ बल्ह
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