फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद में किसान को राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के मुआवजे को लेकर चल रहे विवाद में मंडी जिला न्यायालय ने भूमि मालिक धर्म सिंह को राहत दी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मध्यस्थ के पुरस्कार को चुनौती देने में हुई 20 दिन की देरी को न्यायहित में माफ करते हुए किसान की याचिका को स्वीकार कर लिया है। इससे अब मुआवजे से जुड़े मुख्य मामले पर सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन

मामले के तथ्यों के अनुसार कोटली तहसील के साई गांव निवासी धर्म सिंह की भूमि का अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत किया गया था। मुआवजे की राशि को लेकर असहमति के चलते मामला मध्यस्थ के पास पहुंचा। मध्यस्थ ने 24 मई 2024 को अवार्ड पारित किया था। इसके बाद धर्म सिंह ने मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत पुरस्कार को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन याचिका निर्धारित समय सीमा से 20 दिन देरी से दायर हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि अधिवक्ता से समय पर संपर्क न हो पाने के कारण याचिका समय पर दाखिल नहीं हो सकी। वहीं, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से देरी का विरोध करते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता कार्यवाही से पूरी तरह अवगत था और जानबूझकर देरी की गई।
विज्ञापन

अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि पुरस्कार की हस्ताक्षरित प्रति 31 जुलाई 2024 को भेजी गई थी। यदि 2 अक्तूबर 2024 से भी सीमा अवधि मानी जाए, तो याचिका तीन माह की मूल अवधि के बाद, लेकिन कानून में उपलब्ध अतिरिक्त 30 दिन की अवधि के भीतर दायर की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता पर्याप्त कारण दर्शाता है, तो देरी को उदार दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। इन परिस्थितियों में जिला न्यायालय ने देरी माफी का आवेदन स्वीकार कर लिया और याचिका को मुख्य मामले के साथ संलग्न करने के आदेश दिए।
विज्ञापन

000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें