बल्ह में ओलावृष्ट्रि से तबाह हुई फसलों की मुआवजे की मांग को लेकर भाजपा नेता इंद्र सिंह की अगुवाई में धरना देते किसान।
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नेरचौक (मंडी)। बल्ह घाटी में शुक्रवार शाम हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और तूफान से प्रभावित किसानों ने फौरी राहत की मांग करते हुए डडौर में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रभावितों ने एक सप्ताह के भीतर सरकार से राहत की गुहार लगाई है। अन्यथा सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सब्जी उत्पादकों का कहना है कि मौसम की मार उनकी मेहनत पर भारी पड़ी है।
करोड़ों का नुकसान हो गया है। अगर सरकार की मदद नहीं मिली तो आर्थिक तौर पर किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रभावितों का दावा है कि तूफान से करीब 45 करोड़ की पैदावार को नुकसान पहुंचा है। प्रभावितों में प्रेम लाल, हेम राज, हरी सिंह, सुभाष चंद, रमेश कुमार, सुखराम, हंस राज, भवानी सिंह, मीरा, सुषमा, टेक चंद, परमदेव, राजकुमार, हरनाम, खूब राम, मोहन लाल, रणवीर, महेंद्र, श्याम लाल, बसंत राम, सुरेश कुमार, कपूर चंद, राजकुमारी, लेख राम, नरपत राम, रमेश कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि लीज पर जमीन लेकर टमाटर और अन्य सब्जियों की खेती की गई है, जो इस प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जिससे लाखों का नुकसान एक-एक सब्जी उत्पादक का हुआ है। इस नुकसान से सब्जी उत्पादक किसानों की कमर टूट गई है। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ एनएस नायक ने कहा कि बल्ह क्षेत्र में लगभग 600 हेक्टेयर में सब्जियों की खेती की गई है। जहां भारी नुकसान का अंदेशा है। एसडीएम संजीव धीमान ने कहा कि फील्ड स्टाफ नुकसान का आकलन कर रहा है। नियमानुसार मामले में राहत दी जाएगी।