मंडी। जिला के प्राथमिक स्कूलों में 11 मार्च से पहली, दूसरी और चौथी कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। मगर हैरानी की बात है कि अभी तक शिक्षा खंडों में प्रश्न पत्र नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में खास तौर पर दूरदराज के स्कूलों में प्रश्न पत्र पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होगा। इससे शिक्षक भी चिंतित हैं।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) को प्रश्न पत्र तैयार करने और शिक्षा खंडों तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन डाइट मंडी की लेटलतीफी के चलते अभी तक प्रश्न पत्र नहीं पहुंच पाए हैं। शुक्रवार को भी प्रश्न पत्र खंडों तक नहीं पहुंच सके हैं, जबकि सोमवार से पेपर शुरू हो रहे हैं।
जिला के बहुत से प्राथमिक स्कूल दूरदराज क्षेत्रों में स्थित हैं और दो दिनों के भीतर डाइट से स्कूलों तक प्रश्न पत्र पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। शिक्षक भी कुछ दिनों से अपने क्लस्टर और बीईईओ ऑफिस संपर्क कर रहे हैं, लेकिन प्रश्न पत्र न पहुंच पाने से चिंतित हैं। वहीं राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी प्रश्न पत्र में डाइट की लेट लतीफी पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
संघ का कहना है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रश्न पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य को समय पर तैयार कर खंडों तक पहुंचाने में नाकाम रहा है और परीक्षा के दिनों में प्रशिक्षण व अन्य कार्यों को करवाया जा रहा है। संघ का कहना है कि जिला के बहुत से स्कूल दूरदराज क्षेत्रों में स्थित है और अगर दो दिन के भीतर स्कूलों तक प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे तो इसकी सारी जिम्मेदारी डाइट मंडी की होगी।
उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मुख्य संरक्षक राम सिंह राव ने कहा कि सोमवार से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, लेकिन अभी तक जिला में बीईईओ आफिस में प्रश्न पत्र नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि पेपर शुरू होने से दो दिन पहले तक डाइट द्वारा प्रश्न पत्र नहीं भेजे गए हैं। डाइट मंडी प्रश्न पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य को समय पर करने की बजाए प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यस्त है। उधर डाइट मंडी की प्रधानाचार्या सरिता ने कहा कि प्रश्नपत्रों को सभी खंडों में परीक्षाओं से पहले पहुंचा दिया जाएगा।