कुडनी में राहत और बचाव कार्य ठप
रिहायशी इलाके से मलबा हटाना भूला विभाग
नाला रिसने फिर दहशत में तीन गांवों के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नेर घरवासड़ा पंचायत के कुडनी गांव में करीब छह माह पहले आपदा में मिले जख्म अभी भी हरे हैं। यहां पर भूस्खलन के दौरान दो रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा था। एक मकान जमींदोज होने के बाद अभी भी भूस्खलन से गिरे मलबे, चट्टानों और पत्थरों को न हटाने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। बस्सी, कस, कुडनी, मनोह के समीप लगातार हो रहे पानी के रिसाव से लोगों को फिर भूस्खलन का डर सता रहा है।
खौफजदा ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से बंद पड़े राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग की है। बुधवार को नेर घरवासड़ा पंचायत के उपप्रधान राकेश ने बताया कि अगस्त और सितंबर में बादल फटने से कुडनी गांव को काफी नुकसान पहुंचा था। संजय कुमार का मकान जमींदोज हो गया। साथ लगते कुछ अन्य घरों को भी क्षति पहुंची थी। बस्सी परियोजना के छपरोट के समीप हुए भूस्खलन से पैन स्टॉक का डंगा भी धंस गया था। करीब छह माह बाद यहां पर राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने को लेकर संबंधित विभाग ने भी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। अब मलबे से भरे नाले से हो रहे पानी के रिसाव से फिर आसपास के लोगों को हादसे का डर सता रहा है। पंचायत प्रधान रीना देवी के अनुसार सड़क पर गिरे मलबे और चट्टानों के चलते फिर से भूस्खलन की भी आशंका बनी हुई है। बताया कि छपरोट के समीप गुजर बस्ती के लोगों के रास्ते और भूमि भी बादल फटने से तबाह हुई थी। बावजूद इसके राहत से संबंधित कार्य को लेकर संबंधित विभाग गंभीर नहीं है।
तहसीलदार जोगिंद्रनगर डाॅ. मुकुल शर्मा ने बताया कि भूस्खलन के बाद कुडनी गांव में आवश्यक राहत के जो कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने बातचीत की जाएगी।
कुडनी और कस सड़क पर हो रहे पानी के रिसाव को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। स्पॉट निरीक्षण कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बहरहाल बरसात में क्षतिग्रस्त अधिकांश सड़कों को सुधार लिया गया है। बजट के अभाव के चलते जिन सड़कों का कार्य अधूरा है, उसे भी पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से बजट की मांग की जाएगी। जेपी नायक, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग डिविजन जोगिंद्रनगर।