केरल के वायनाड सुरंग परियोजना में भूस्खलन का शिकार हुए थे रिवालसर के युवा इंजीनियर
संवाद न्यूज एजेंसी
रिवालसर (मंडी)। केरल के वायनाड जिले में सुरंग निर्माण परियोजना के दौरान हुए भीषण भूस्खलन में जान गंवाने वाले रिवालसर के युवा इंजीनियर राहुल शर्मा का पार्थिव शरीर पांच दिन बाद शनिवार तड़के करीब पांच बजे उनके पैतृक गांव विकास नगर (ढोह) पहुंचा। घर पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता, बहन, छोटे भाई और महज तीन माह पहले विवाह बंधन में बंधी पत्नी का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
शुक्रवार शाम राहुल का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से चंडीगढ़ लाया गया। वहां से सड़क मार्ग से नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद देर रात पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घर लाया गया। घर पहुंचते ही परिजन राहुल से लिपटकर बिलख पड़े। सबसे मार्मिक दृश्य उनकी नवविवाहिता पत्नी का था। शनिवार को पैतृक श्मशान घाट में राहुल शर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, जिला परिषद सदस्य पवन ठाकुर, नगर पंचायत अध्यक्ष लाभ सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत लोअर रिवालसर के प्रधान पदम सिंह भाटिया व अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
बता दें कि राहुल शर्मा केरल के वायनाड जिले में अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना में साइट इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। सात जुलाई को सुरंग स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में वे मलबे में दब गए थे। लगातार तीन दिन तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद उनका शव बरामद किया गया था।