नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में सरकार द्वारा अधिकृत क्रस्ना लैब। -स्रोत : जागरूक पाठक
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के नौ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित क्रस्ना लैब के 15 से अधिक कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण कर्मचारियों में भारी रोष है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे टेस्ट सेवाएं बंद कर देंगे।
सामुदायिक अस्पताल बीड़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मकरीड़ी, नौहली, द्रमण, टिक्कन, पंडोल, गोलवां, लांगणा और उपमंडलीय अस्पताल जोगिंद्रनगर में स्थापित इन प्रयोगशालाओं में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक टेस्ट किए जाते हैं। मगर वेतन संकट के चलते कामकाज प्रभावित होने लगा है। उपमंडलीय अस्पताल में कार्यरत लैब तकनीशियन वर्चुअल बैठक कर आंदोलन की रणनीति बना चुके हैं।
बता दें कि सरकारी अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में दोपहर 12 बजे तक ही टेस्ट सेवाओं का लाभ मरीजों को मिलता है। जबकि सरकार द्वारा अधिकृत क्रस्ना लैब की विभिन्न शाखाओं में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक टेस्ट 24 घंटे होते हैं। इन दिनों स्थानीय अस्पताल जोगिंद्रनगर की प्रयोगशाला में भी टेस्ट सेवाएं प्रभावित हो गई है।
क्रस्ना लैब में कार्यरत कर्मचारियों के लंबित मासिक भुगतान के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। इसी सप्ताह भुगतान होने का आश्वासन भी मिला है। -सरिता ठाकुर, प्रभारी क्रस्ना लैब, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर