तेज धूप से अस्पताल में दोगुना हुई मरीजों की संख्या, उल्टी, दस्त, वायरल का बढ़ा प्रकोप
जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे दो सौ से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। तेज धूप के कारण अचानक शरीर में गर्मी बढ़ने से डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की ओपीडी दोगुनी हो गई है। उल्टी, दस्त और वायरल बुखार के मामलों में बढ़ोतरी के चलते इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह भर गया है। स्थिति यह है कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। मरीजों की अचानक बढ़ती संख्या के कारण संसाधन भी कम पड़ने लगे हैं। डायरिया और तेज बुखार के मरीजों को एक ही इमरजेंसी वार्ड में रखने से संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
बुधवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे दो सौ से अधिक मरीजों में लगभग 40 प्रतिशत मरीज डिहाइड्रेशन, उल्टी और दस्त से पीड़ित थे। इनमें से कुछ गंभीर मरीजों को आपातकालीन वार्ड में भर्ती करना पड़ा, जिससे वहां उपलब्ध सुविधाएं भी कम पड़ गईं। दोपहर से देर रात तक सौ बिस्तरों वाले इस अस्पताल में मरीजों का दाखिला लगातार जारी रहा। वहीं सिविल अस्पताल लडभड़ोल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में भी डायरिया जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
बुधवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में विभिन्न हादसों में घायल मरीजों को भी अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा। व्हीलचेयर पर बैठे कुछ गंभीर मरीज लंबे समय तक प्रतीक्षा करते रहे, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई।
इसके अलावा नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की सरकारी प्रयोगशाला में कई दिनों से एक्स-रे सेवाएं ठप होने के कारण मरीजों को निजी लैब में जांच करवानी पड़ रही है। वहीं क्रस्ना लैब में भीड़ के कारण जांच करवाना मरीजों के लिए चुनौती बन गया है।
उधर, अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने बताया कि तेज धूप से बीमार होकर पहुंच रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उल्टी, दस्त और तेज बुखार के मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद अस्पताल के सभी चिकित्सक 24 घंटे सेवा में तैनात हैं।