पटवार व काननूगो संघ ने लंबित मांगें पूरी नहीं होने पर रोष जताया है। संघ के अनुसार सरकार की ओर से गत 31 अक्तूबर 2014 को पटवार कानूनगो संघ की मुख्य मांगों को सैद्धांतिक मंजूरी राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में दी गई थी। बावजूद इसके अभी तक मांगों को लागू नहीं किया गया है।
पटवार व कानूनगो संघ करसोग इकाई के प्रधान मोती राम चौहान, महासचिव विजय कुमार शर्मा, मुख्य सलाहकार कुलदीप चंद वर्मा, हंसराज शर्मा, कल्पना देवी, नरेश कुमार, कर्म सिंह, टेक चंद, मोहन सिंह कंवर, रामकृष्ण, शीष राम वर्मा, उमा चंद ने बताया किया बैठक में मुख्य मांग चार या पांच पटवार वृत्तों पर एक कानूनगो का वृत्त सृजित करने, प्रत्येक पटवार वृत्तों में चौकीदार की तैनाती, कानूनगो से नायब तहसीलदार के पद के लिए पदोन्नति के लिए शत प्रतिशत कोटा, अनुबंध पटवारियों के लिए 10300 रुपये मूल वेतन व 3200 ग्रेड पे के साथ दूसरे भत्ते दिए जाने आदि प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई थी।
संघ का कहना है कि अनुबंध कर्मचारी निजी क्षेत्र में कार्यरत मजदूर की अपेक्षा काफी कम वेतन लेकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है। निजी क्षेत्र में कार्यरत मजदूर 10 हजार से 12 हजार रुपये मासिक कमाता है तो अनुबंध कर्मचारी को 7800 रुपये ही मिलते हैं। पटवार वृत्तों में बिजली व पानी का बिल 200-300 रुपये से कम नहीं आता है। अनुबंध पटवारियों को यह बिल अपनी जेब से अदा करना पड़ता है। इसी प्रकार पटवार वृत्तों में प्रयोग होने वाली स्टेशनरी भी अपनी जेब से ही खर्च करनी पड़ती है।
संघ सरकार से मांग की है कि प्रत्येक पटवार वृत्त में चौकीदारों की तैनाती अविलंब की जाए, साथ ही 31 अक्तूबर 2014 को मानी गई मांगों को शीघ्र अतिशीघ्र लागू किया जाए। जिला में कानूनगो के पद जो समाप्त किए गए हैं उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। अनुबंध पटवारियों को नियमित पटवारी की तर्ज पर वेतन व भत्ते दिए जाए।