गोहर/बालीचौकी (मंडी)। भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बालीचौकी में सिविल कोर्ट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी ने एसडीएम बालीचौकी को भूमि चयन के आदेश दिए थे, जिसके बाद तहसीलदार बालीचौकी और तहसीलदार औट ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। राजस्व विभाग ने बालीचौकी उपमंडल के नगवाईं और बालीचौकी दो स्थानों पर भूमि उपलब्ध होने की रिपोर्ट दी है।
बालीचौकी उपमंडल में दो तहसीलें औट और बालीचौकी हैं। औट तहसील के दीवानी मुकदमे कोर्ट नंबर दो मंडी, जबकि बालीचौकी तहसील के मामले सिविल कोर्ट गोहर में चलते हैं। बालीचौकी पुलिस चौकी के क्रिमिनल केस गोहर कोर्ट में और औट थाने के केस कोर्ट नंबर दो मंडी में आते हैं। गोहर कोर्ट में बालीचौकी तहसील के 35 फीसदी केस और कोर्ट नंबर दो में औट तहसील के मुकदमे चल रहे हैं।
अधिकांश स्थानीय लोगों को न्याय पाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर मंडी या गोहर यात्रा करनी पड़ती है। बालीचौकी उपमंडल में सिविल कोर्ट स्थापित होने से स्थानीय लोगों को न्याय सुलभ होगा। एसडीएम बालीचौकी मोहन शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडी को सौंप दी गई है और आगामी कार्रवाई उनके आदेशानुसार की जाएगी।
बालीचौकी में पर्याप्त जगह
सिविल कोर्ट के संचालन के लिए बालीचौकी के लघु सचिवालय में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसमें कोर्ट रूम और सामुदायिक भवन शामिल हैं, जिसमें वर्तमान में खंड विकास अधिकारी का कार्यालय चल रहा है।