ट्राउट फार्म जंजैहली में हुए नुकसान का जायजा लेते अधिकारी व अन्य। स्त्रोत- विभाग
मत्स्य निदेशक ने किया फार्म का निरीक्षण, बाखली खड्ड के किनारे क्रेट वॉल बनाने का सुझाव
पुनर्बहाली के लिए तात्कालिक और दीर्घकालीन उपायों की पहचान
वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने पर भी जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। बाखली खड्ड के कटाव और तेज बहाव से ट्राउट फार्म जंजैहली को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए अब खड्ड के किनारे क्रेट वॉल बनाने की तैयारी है। फार्म की मौजूदा स्थिति और आधारभूत ढांचे को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए निदेशक-सह-मत्स्य संरक्षक ओम कांत ठाकुर ने फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्म को दोबारा उसकी निर्धारित क्षमता के अनुरूप संचालित करने के लिए कई व्यावहारिक उपाय सुझाए।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने संयुक्त निदेशक मत्स्य एवं पशुपालन तथा पूंजीगत परिसंपत्तियों को हुए नुकसान के आकलन के लिए गठित समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों के साथ फार्म का जायजा लिया। समिति ने जलापूर्ति प्रणाली, रियरिंग अवसंरचना सहित अन्य परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर हुए नुकसान का आकलन किया। फार्म के संचालन में आ रही दिक्कतों के संबंध में फील्ड स्टाफ से भी जानकारी ली गई।
निरीक्षण के बाद निदेशक ने फार्म परिसर को बाखली खड्ड के कटाव और तेज बहाव से सुरक्षित रखने के लिए खड्ड के किनारे क्रेट वॉल बनाने का सुझाव दिया। इससे भारी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ के दौरान फार्म को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
ट्राउट पालन और अन्य गतिविधियों के लिए विश्वसनीय एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने का भी सुझाव दिया गया। इसके अलावा फार्म की कार्यक्षमता बहाल करने के लिए आवश्यक लघु मरम्मत और रखरखाव कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को सुझाए गए उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने को कहा। सुरक्षा, जलापूर्ति और मरम्मत कार्यों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विस्तृत प्राक्कलन एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।