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भूकंप आने का सायरन बजा, पड्डल पहुंची रेस्क्यू टीमें

Thu, 24 Nov 2016 10:17 PM IST
मंडी
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मंडी में मॉल ड्रिल के दौरान घायल को निकालते राहत कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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मंडी। वीरवार सुबह ठीक साढ़े दस बजे। 8.0 तीव्रता से आए भूकंप के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में सायरन बजा। प्रशासनिक अधिकारी तत्काल अपने कार्यालयों से निकल कर स्टेजिंग एरिया पड्डल ग्राउंड पहुंचे। एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड के अलावा विभिन्न विभागों की रेस्क्यू टीमें भी पड्डल पहुंची। जहां से भूकंप से प्रभावित पांच स्थानों के लिए एंबुलेंस के साथ रेस्क्यू टीमें रवाना हुईं। यह कार्रवाई पहली बार आयोजित मेगा मॉक ड्रिल के दौरान हुई।
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   जिला उपायुक्त संदीप कदम, पुलिस अधीक्षक प्रेम कुमार ठाकुर, एडीएम विवेक चंदेल ने बचाव और राहत कार्यों की मॉनीटरिंग की। शहर में दौड़ती एंबुलेंस के हूटर की आवाज सुन कर लोग भी पूछने लगे आखिर क्या हुआ। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पहली बार मंडी जिला मुख्यालय में बचाव और राहत कार्यों पर मेगा मॉक ड्रिल की गई। भूकंप आने पर सायरन बजते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, एनडीआरएफ, होमगार्ड, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, आईपीएच, विद्युत बोर्ड और दूरसंचार विभाग टीमें भी पड्डल पहुंची। जहां से भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र इंदिरा मार्केट, पुलिस लाइन के आवासीय भवन, वल्लभ कॉलेज मंडी, आयुर्वेद अस्पताल, होमगार्ड कार्यालय के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना की गईं। पड्डल ग्राउंड में पुलिस की ओर से वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित किया गया।

इसके अलावा घायलों को प्राथमिक उपचार देने के लिए आपरेशन सेंटर बनाया गया था। 10 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक आपातकालीन बैठक का आयोजन कर भूकंप से प्रभावित स्थानों पर कैसे बचाव कार्य किए जाएं, इसकी योजना बनाई गई। 11 बजे तक पड्डल मैदान में टास्क फोर्स के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने यंत्रों व औजारों सहित पहुंच गए थे।  मॉक ड्रिल में विक्टोरिया पुल के समीप रास्ता बंद, आयुर्वेदिक अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित, गृह रक्षक कार्यालय के रास्ते में पेड़ गिरने से रास्ता बंद व एक मंजिल में आग लगने, इंदिरा मार्केट में सीवरेज प्रणाली का टूटना, पुलिस लाइन आवास परिसर में दूरसंचार व्यवस्था बाधित होने की स्थिति भी दर्शाई गई।
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बचाव कार्य के लिए 6 दलों का गठन किया गया। जिनमें सुरक्षा अधिकारी, पर्यवेक्षक, चिकित्सक टीम शामिल थी। इसके बाद 11 बजकर 26 मिनट पर सभी बचाव टीमें प्रभावित स्थल के लिए रवाना हो गई तथा 11 बजकर 35 मिनट तक सभी स्थलों से बचाव कार्य के बारे में रिपोर्ट आना आरंभ हो गई। बचाव दल ने सभी प्रभावित स्थानों पर जाकर प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए। जहां आंशिक रूप से घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। काल्पनिक घायल लोगों को उपचार के लिए एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल भेजा गया तथा आंशिक रूप से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद पड्डल मैदान में स्थापित किए गए राहत शिविर में लाया गया। एनडीआरएफ और पुलिस के जवानों ने इंदिरा मार्केट से घायलों को निकाला। मॉक ड्रिल में लगभग 350 लोगों ने भाग लिया, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, गृह रक्षक, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, दूरसंचार, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तथा 100 स्वयंसेवी शामिल हुए। मॉक ड्रिल में हिमाचल पथ परिवहन निगम की चार बसें, एनडीआरएफ तथा पुलिस विभाग की एक-एक बस, पुलिस विभाग का एक ट्रक तथा तीन अन्य गाड़ियां, 8 जेसीबी मशीनें, पांच 108 एंबुलेंस, तीन अन्य एंबुलेंस, 3 टिपर, 6 जीपें, दो फायर टेंडर, एक फायर जीप, तीन अन्य ट्रक शामिल थे। एक बजकर 30 मिनट पर मॉक ड्रिल समाप्त हुआ। उपायुक्त संदीप कदम ने इस मॉक ड्रिल में भाग लेने वाले सभी टीम के सदस्यों से बचाव कार्यों में  आने वाली बाधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर भविष्य में इसमें सुधार लाने का प्रयास करने का आग्रह किया।
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