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चार सौ से अधिक एचआरटीसी रूट ठप, हजारों यात्री मुश्किल में फंसे

Tue, 14 Jun 2016 07:33 PM IST
मंडी
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हड़ताल करते ‌निगम के करमचारी। - फोटो : अमर उजाला
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मंडी/ सुंदरनगर/ सरकाघाट। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति मंडी इकाई ने बस स्टैंड मंडी से दो दिवसीय हड़ताल का आगाज किया। निगम कर्मियों ने जेसीसी के बैनर तले शहर में विरोध रैली निकाली। रैली बस स्टैंड से शुरू होकर सेरी मंच से होते हुए वापस बस स्टैंड मंडी पहुंची। रोष रैली में सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। रैली में प्रदेश सरकार और परिवहन मंत्री जीएस बाली के खिलाफ कर्मचारियों ने खूब नारेबाजी की। हड़ताल से जिले में 400 से अधिक बस रूटों पर बस सेवा ठप रही।
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जिससे निगम को जिले में 18 लाख रुपये से अधिक की चपत लगी है। हजारों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संयुक्त समन्वय समिति के मंडी इकाई अध्यक्ष राजेंद्रपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार व परिवहन मंत्री मांगों को लगातार अनसुना कर रहे हैं। जिस कारण कर्मचारियों को विवश होकर हड़ताल जैसा कदम उठाना पड़ा। कर्मचारी लगातार परिवहन को रोडवेज बनाने, पेशनरों को पेंशन का समय पर भुगतान करने, चिकित्सा बिलों के शीघ्र भुगतान, जीपीएफ प्रदान करने में देरी न करने, पीस मील और अन्य कर्मचारियों को अनुबंध नीति पर लाने की मांग उठा रहे हैं।

अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चौहान ने कहा कि निगम को रोडवेज बनाया जाना समय की मांग है। जब तक मांग को पूरा नहीं किया जाएगा संघर्ष जारी रहेगा। निगम प्रबंधन और सरकार कर्मचारियों का लगातार शोषण कर रही है। जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर निसार अहमद, जोगिंद्र गुलेरिया, किशन चंद, जगदीश चंद, प्रेम सिंह रावत, टेक चंद, सूरज मणी, तामेश्वर सहित अन्य कई कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं, सरकाघाट डिपो के तहत भी संयुक्त समन्वय समिति ने भी प्रधान अमीचंद की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया। सरकाघाट डिपो के तहत 126 बस रूट ठप रहे। हड़ताल के चलते सरकाघाट डिपो में पांच लाख रुपये से अधिक की चपत निगम को लगी है। सरकाघाट डिपो के महासचिव संतोष कुमार ने कहा कि सरकार और परिवहन मंत्री के हठ के चलते कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। वहीं, सुंदरनगर डिपो में 120 रूट ठप रहे। यहां पर साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान निगम को झेलना पड़ा है। सुंदरनगर में निगम कर्मियों के सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। जिले में सबसे अधिक मंडी डिपो में निगम को चपत लगी है। मंडी डिपो में 160 बस रूट ठप रहे, जिससे परिवहन को साढ़े सात लाख रुपये की चपत लगी है।
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