एनएच के बंद होने के कारण 36 घंटों से फंसे वाहन। जोकि एनएच बहाल होने के बाद रवाना हुए संवाद
पंडोह (मंडी)। चंडीगढ़-मनाली हाईवे के दवाड़ा के पास दो दिन बंद रहने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें वाहनों में ही रातें गुजारनी पड़ीं। भोजन की व्यवस्था न होने के कारण चाय और मैगी से ही गुजारा किया। चालकों और यात्रियों ने कहा कि रविवार रात से हाईवे बंद हो गया था।
छोटे वाहनों को तो वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया लेकिन बड़े वाहन रोक दिए गए। कुछेक बसों में यात्री भी थे जबकि ज्यादातर मालवाहक वाहन ही थे। इन वाहनों में सामान लदा था, फल सब्जियां भी थी। वाहनों को छोड़कर चालक कहीं जा नहीं सकते थे। इसलिए दो रातें वाहनों में ही गुजारनी पड़ी। हाईवे में आसपास कोई होटल, ढाबा भी नहीं था। सिर्फ एक चाय का ढाबा था। यहीं चाय और मैगी बनवाकर गुजारा करना पड़ा। यहां भोजन और पानी का कोई प्रबंध नहीं था।
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सबसे ज्यादा परेशानी 4 मील, 9 मील और पंडोह के समीप मून होटल और फ्लाईओवर के पास देखने को मिली, जहां पहाड़ी दरकने से सड़क बंद हो गई थी। सब्जी और फलों की खेप लेकर जा रहे चालकों को इनके खराब होने की चिंता सता रही थी। अब एनएच खुलते ही सभी ने राहत की सांस ली और गंतव्य को रवाना हुए।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार रात को पंडोह की एक समाजसेवी संस्था ने मानवीय पहल करते हुए भूखे यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। संस्था के स्वयंसेवकों ने हाईवे पर फंसे लोगों को गर्म भोजन और पानी वितरित किया।
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खन्ना से भुंतर तक सामान से भरी गाड़ी लेकर आया था। रविवार रात से यातायात रुका हुआ है। मालिक से खर्चा भी हिसाब से मिलता है। खाने की बहुत मुश्किल रही।
हरजिंद्र सिंह, चालक
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बस रविवार रात 12 बजे से जाम में फंसी हुई है। काम के लिए कुल्लू जाना है। पास में होटल नहीं होने के कारण मैगी और चाय से गुजारा करना पड़ा। रात भी बस में ही गुजरी।
शमशमूल हक, यात्री, बिहार
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श्री गंगा नगर से लाहौल के लिए जा रहा हूं। दो दिन गाड़ी में ही गुजरे। खाने-पीने सुविधा न होने के कारण बड़ी मुश्किल से दो दिन निकाले हैं।
-महेंद्र सिंह, गंगानगर