बच्चों को उपचार दिलाने के लिए रोजाना अस्पताल पहुंच रहे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मौसम में बदलाव के चलते जिले में हर उम्र के लोग वायरल फीवर की चपेट में आने लगे हैं। नौनिहाल भी इससे अछूते नहीं हैं। शनिवार को मातृ-शिशु अस्पताल मंडी की बाल रोग ओपीडी के बाहर अभिभावक अपने बच्चों को उपचार दिलाने के लिए कताराें में बारी का इंतजार करते दिखे। अधिकांश बच्चों में खांसी, जुकाम, पेट दर्द की शिकायत पाई गई।
अभिभावक कैहनवाल निवासी रमेश चंद, सीता देवी, वासणी मंडी से राधा, बसंत सिंह, थनेहड़ा से कृष्ण चंद और मीनाक्षी आदि ने कहा कि बच्चों में बुखार, शुष्क खांसी, जुकाम, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हो रही है। एक दो दिन घर पर ही उपचार दिया, लेकिन आराम न मिलने पर उन्हें अस्पताल लाए हैं। बसंत सिंह ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय बेटी को दो दिन से दस्त हो रहे हैं। चिकित्सक ने दवाई के साथ ओआरएस का घोल और उबला हुआ पानी पीने के लिए कहा है।
ओपीडी में रोजाना करीब 35-40 बच्चों में वायरल के लक्षण देखे जा रहे हैं। इन्हें पेट दर्द के साथ शुष्क खांसी, जुकाम, बुखार और दस्त की शिकायत है। अधिकांश मरीजों को दवाई देकर घर भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने वालों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
-डाॅ. वाटिका, बाल रोग विशेषज्ञ, जोनल अस्पताल मंडी
यह बरतें एहतियात
वायरल होने पर सबसे पहले नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक से उपचार लें। रोजाना ताजा खाना, साफ और उबला हुआ पानी पीएं। उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस घोल लें। मौसम बदलाव के चलते छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान दें। उल्टी-दस्त के लक्षण होने पर शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं।
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