मंडी पठानकोट एनएच पर जोगिंद्रनगर के ढेलू के पास बनाई जा रही नाली। संवाद
मानसून सीजन के बीच एनएचएआई ने शुरू किया मंडी-पठानकोट सड़क के सुधार का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी -पठानकोट एनएच पर जलभराव मानसून सीजन के दौरान आए दिन जलभराव होने के बाद एनएचएआई को सड़क किनारे निकासी नालियां बनाने की याद आई है। अब जलभराव की समस्या के हल के लिए नए सिरे से नालियों का निर्माण शुरू किया गया है। वहीं विभाग का कहना है कि सड़क हादसों का कारण बन रहे ब्लैक स्पॉट पर क्रैश बिम भी लगेंगे। मानसून सीजन में घट्टा से मंडी तक हाईवे को चुस्त दुरुस्त करने के लिए एनएचएआई ने कवायद अभी से ही शुरू कर दी है। जोगिंद्रनगर के हराबाग, नागचला और घटासनी में क्षतिग्रस्त हाईवे की सड़क के सुधार को लेकर एनएचएआई काम कर रहा है।
चौंतड़ा से पधर तक हाईवे की सड़क पर हो रहे जलभराव को रोकने के लिए नए सिरे से नालियों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, सड़क दुर्घटना के चिह्नित ब्लैक स्पॉटों पर क्रैश बिम भी लगाना शुरू कर दिया है। जोगिंद्रनगर शहर की आरंभ सीमा ढेलू के समीप हाईवे पर नाली बनाई जा रही है, जबकि पातकू, लदरूहीं के समीप क्रैश बिम लगाए जा रहे हैं। चौंतड़ा से पधर तक करीब 17 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करने की स्वीकृति मिली है। घटासनी में धंस रही सड़क को सुरक्षित बचाने के लिए रिटेनिंग वाल भी जल्द लगाई जाएगी। ब्रिज मंडी के समीप क्षतिग्रस्त सड़क को सुधारने के लिए रिटेनिंग वाल का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। मौसम साफ होते ही टारिंग भी पूरी होगी।
उधर, एनएचएआई के साइट इंजीनियर साहिल जोशी ने बताया कि घट्टा से मंडी तक हाइवे की सड़क को दो करोड़ से अधिक का नुकसान इस मानसून में पहुंचा है। नालियां और क्रैश बिम लगाने का कार्य किया जा रहा है। ताकि जलभराव के साथ दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
मंडी पठानकोट एनएच पर जोगिंद्रनगर के ढेलू के पास बनाई जा रही नाली। संवाद