मंडी। वर्ष 2023 में आई आपदा में पंडोह स्थित लाल पुल के बहने के बाद नए पुल के निर्माण के लिए 19 महीनों में तीन बार डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई, लेकिन अब तक धरातल पर कुछ नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दो महीने पहले पंडोह में बेली ब्रिज बनाने की घोषणा कर गए थे, लेकिन इस बेली ब्रिज को स्वीकृति तक नहीं मिल पाई है।
पंडोह में ब्यास नदी पर स्थित 100 साल पुराना पुल बह जाने से सदर और द्रंग हलके की आवाजाही प्रभावित हो गई है। आठ पंचायतों के लोग अब घूमकर पंडोह पहुंच रहे हैं। इससे पंडोह बाजार का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। दुकानदार मायूस हैं कि 19 माह बीतने के बावजूद पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जबकि अन्य जिलों में बहे पुलों की जगह नए पुल बन गए हैं।
पंडोह चार विधानसभा क्षेत्रों सदर, द्रंग, सराज और नाचन का केंद्रीय बिंदु है। यहां पुल बहने के बाद से स्थानीय जनता में गहरा रोष है। स्थानीय दुकानदारों राधाकृष्ण वर्मा, प्रकाश चंद, केवल कृष्ण, तीर्थ राज का कहना है कि आपदा के बाद यहां डीसी से लेकर मंत्री, केंद्रीय टीमें सब निरीक्षण व फोटो खिंचवाकर चले गए हैं, लेकिन अभी तक पुल नहीं बन पाया है। सीएम सुक्खविंद्र सिंह सुक्खू की घोषणा के बावजूद धरातल पर कोई प्रगति नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
पहली बार लोक निर्माण विभाग ने पुल के निर्माण के लिए सामान्य डीपीआर तैयार की, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। इसके बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ग्राम सेतु योजना के तहत नई डीपीआर तैयार करवाई, लेकिन इस पर भी कुछ नहीं हुआ। हाल ही में पंडोह के समीप बाखली में रोप वे का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने बेली ब्रिज बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसकी स्वीकृति भी अभी तक नहीं मिल पाई है।
पंडोह में बहे पुल की जगह नए पुल निर्माण के लिए स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा। यहां पुल निर्माण के लिए अलग-अलग डीपीआर बनाई गई है।
-विनोद ठाकुर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी थलौट
पंडोह में नया पुल जल्द बनेगा। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही। जल्द पुल निर्माण शुरू होगा और द्रंग और सदर की जनता को सुविधा मिलेगी।
-कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता