ठेकेदार ने जबरदस्ती टेंडर प्रक्रिया से बाहर करने का लगाया आरोप
पूर्व में ठेकेदार के कार्य की गुणवत्ता पर भी उठ चुके हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के पंजीकृत ठेकेदार और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ठेकेदार ने उपायुक्त मंडी को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उन्हें पुलिस बुलाकर टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया। इसके अलावा उन्होंने अपने लंबित बिलों, जीएसटी और सुरक्षा राशि का भुगतान बिना उचित कारण रोके जाने का भी आरोप लगाया है। ठेकेदार का दावा है कि उन्हें फाइलों के चोरी होने की जानकारी दी गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक मंडी से भी की थी। हालांकि, नगर निगम के एसओ, एसडीओ और जेई के खिलाफ ठेकेदार की ओर से की गई शिकायतें जांच में तथ्यहीन पाई गई हैं।
सूत्रों के अनुसार संबंधित ठेकेदार के कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। नगर निगम हाउस में भी ठेकेदार के कार्यों की खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध दर्ज किया गया था। वहीं, एक मामले में लोक निर्माण विभाग की तकनीकी जांच में भी कार्यों में अनियमितताएं सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमों के पालन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले की निगरानी नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के चार कार्यों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से दो का निपटारा किया जा चुका है। शेष दो मामलों में से एक डंगे के निर्माण की गुणवत्ता से जुड़ा है, जिस पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। आयुक्त के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार कर ठेकेदार तथा उपायुक्त कार्यालय को सौंप दी जाएगी।