थुनाग (मंडी)। सराज विस क्षेत्र के बगस्याड़ में 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन फार्मेसी कॉलेज पर बीते 30 जून की प्राकृतिक आपदा ने संकट खड़ा कर दिया। भूरणी और रहीधार नालों में आई बाढ़ ने कॉलेज के निर्माणाधीन तीन भवनों प्रशासनिक, शैक्षणिक और गर्ल्स हॉस्टल को मलबे से पाट दिया है।
आपदा में ठेकेदार की निर्माण सामग्री और मशीनें बह गईं, जिससे 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 10 लाख रुपये की चपत लगी। भूरणी और रहीधार नालों के किनारे बने इन भवनों की संरचना बाढ़ और मलबे से क्षतिग्रस्त हो गईं। 2023 में भी इस क्षेत्र में मलबा आया था, लेकिन प्रशासन ने कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए।
इस लापरवाही ने प्रशासन की योजना पर सवाल खड़े कर दिए। 8 बीघा जमीन पर बन रहे इस कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत थे, लेकिन देरी से लागत दोगुनी हो गई। अब तक 16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सराज कांग्रेस के नेता जगदीश रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर गलत जगह चयन का आरोप लगाया। पीडब्ल्यूडी सराज डिवीजन के अधिशासी अभियंता ललित जरयाल ने बताया कि दो भवनों में मलबा घुसने से 10 लाख का नुकसान हुआ। नुकसान का आकलन जारी है और सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद