मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव-2024 में एक सदी के बाद कुल्लू जिला के देवता अनंत बालू नाग और खुडीजल देवलुओं संग ढोल-नगाड़ों के साथ छोटी काशी पहुंचे। यहां पहुंचने पर दोनों देवताओं का फूलों की बारिश के साथ स्वागत किया गया। छोटी काशी पहुंचने के बाद देवताओं ने शिवरात्रि के अधिष्ठाता राज देवता माधोराय से मिलन किया।
कुल्लू के बंजार घाटी के तांदी गांव से देवता अनंत बालू नाग ने बालीचौकी से होते हुए वह शुक्रवार को करीब चार बजे 144 साल बाद शिवरात्रि महोत्सव के लिए छोटी काशी पहुंचे और माधोराय के दरबार में हाजिरी भरी। वहीं, आनी के खुडीजल देवता भी 100 साल बाद छोटी काशी पहुंचे। दोनों देवताओं का सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने फूलों का हार पहनाकर स्वागत किया।
देवता अनंत बालू जब राजा ओमेश्वर से मिलने के बाद वापस लौटे तो शाम करीब पांच बजे ऐसा माहौल बना कि माधोराय मंदिर से बाबा भूतनाथ तक सड़क पूरी देवी-देवताओं और देवलुओं से भर गई। देवताओं के आगे चले देवलु जगह-जगह वाद्ययंत्र बजते और झूमते हुए नजर आए। देवता अनंत बालू नाग के साथ चले देवलुओं ने बताया कि आखिर बार 1880 में देवता यहां आए थे। इस बार देवता ने खुद ही महाशिवरात्रि में जाने के संकेत दिए थे। शुक्रवार को देवता के साथ पांच पंचायतों खापड़, शिकारीघाट, भलागाड़, भाहू और मंडी जिले के नारायणगढ़ और धारागढ़ के सैकड़ों देवलू मौजूद रहे। देवता को मां चामुंडा देवी मंदिर में ठहराया गया है, जहां पर वह सात दिन तक रहेंगे।
चौहटा बाजार में अलौकिक नजारा
राजा ओमेश्वर से मिलने के बाद जब देवता अनंत बालू नाग देवलुओं संग चौहाटा बाजार पहुंचे तो वहां पर रूककर बालीचौकी से पहुंचे देव कांडलू कामेश्वर का इंतजार किया और देवलुओं को भी करवाया। इस दौरान देवता अनंत बालू नाग देव कांडलू कामेश्वर से चार बार मिले। इस भव्य अलौकिक नजारे के दौरान पूरा चौहाटा बाजार देवलुओं से भर गया।