छोटी काशी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में राज देवता के दरबार में हाजिरी भरने जाते देवता। स
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मंडी। पल-पल बदलते मौसम के बीच बुधवार को 158 देवी-देवता अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की थाप और वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच हजारों देवलओं ने थिरकते हुए शहर में प्रवेश किया। इससे छोटी काशी देवमयी हो उठी। सराज, चौहार, बदार, सनोर और बल्हघाटी से देवी-देवता महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए मंडी पहुंचे।
शहर के प्रवेश द्वार पुलघराट, विक्टोरिया पुल और पड्डल में जिला प्रशासन और सर्व देवता सेवा समिति के पदाधिकारियों ने राज देवता माधो राय की छड़ी के साथ प्रमुख देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया। परंपरा के अनुसार सभी देवी-देवता पहले माधो राय मंदिर में हाजिरी भरने के बाद अपने रात्रि ठहराव स्थलों की ओर रवाना हुए।
सर्व देवता सेवा समिति के अनुसार 216 देवी-देवता पंजीकृत हैं, जिनमें से हर साल लगभग 190 देवी-देवता महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करते हैं। कई देवी-देवता बिना निमंत्रण के भी महोत्सव में शामिल होते हैं, जिससे महाशिवरात्रि महोत्सव में पहुंचने वाले देवी-देवताओं का आंकड़ा 300 तक पहुंच जाता है। इस बार महाशिवरात्रि महोत्सव 27 फरवरी से 5 मार्च तक धूमधाम से मनाया जाएगा।
सराज घाटी से देव आदि ब्रह्मा, देव चपलांदू नाग, बायला नारायण, बालीचौकी क्षेत्र से देव छमांहू, छांजणू, चौहारघाटी से देव आदि ब्रह्मा, पराशर ऋषि समेत करीब 158 देवी-देवता हजारों देवलुओं के साथ पहुंचे। देव विष्णु मतलोड़ा, मार्कंडेय ऋषि समेत अन्य देवी-देवताओं के आगमन से मंडी शहर भक्ति रस से सराबोर हो गया।
देवी-देवताओं के नगर प्रवेश पर श्रद्धालु आशीर्वाद लेने और इस अद्भुत दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। देवलुओं की भारी भीड़ के कारण कई बार यातायात बाधित भी हुआ।