मंडी में शिवरात्रि महोत्सव में देवध्वनि कार्यक्रम में भाग लेते बजंतरी।
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मंडी। शिवरात्रि महोत्सव में दूसरी बार रविवार को देवध्वनि से माहौल भक्ति भाव में डूब गया। कार्यक्रम में 1831 बजंतरियों ने सुसज्जित वाद्य यंत्रों से भाग लिया। धार्मिक भावना से ओत-प्रोत इस प्रकार के बड़े आयोजन के लिए बंजतरियों ने प्रशासन और सरकार की सराहना की और आगे भी इसे जारी रखने का आग्रह किया।
चौहारघाटी के युवा बजंतरी राजू राम ने कहा कि पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बजाना उन्होंने बुजुर्गों से सीखा है। बुजुर्ग हमेशा संस्कृति को संजोने की बात कहते हैं। सरकार और प्रशासन की पहल से बुजुर्गों के इस सपने को संजोने में मदद मिली है।
उत्तरशाल के महज 14 वर्ष के बजंतरी अरुण ने पहली बार देवध्वनि समारोह में भाग लिया। अरुण का कहना है कि समारोह में भाग लेना एक अनोखा अनुभव था। वह इसमें एक बार फिर भाग लेना चाहते हैं।
उत्तरशाल घाटी के बुजुर्ग बजंतरी डागू राम ने कहा कि सरकार के इस कदम से युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति रुचि आएगी। यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाना चाहिए ताकि, समाज में देव संस्कृति को जिंदा रखा जा सके। सराजघाटी के युवा बजंतरी डाबे राम ने कहा कि प्रशासन की पहल सराहनीय है। हर वर्ष इस तरह का आयोजन किया जाना चाहिए। देव संस्कृति को इस तरह का मंच प्रदान करना अच्छी पहल है।
बल्ह घाटी के बजंतरी गुलजारी लाल ने कहा कि बजंतरियों को मानदेय देने का फैसला सराहनीय है। इससे संस्कृति का संवर्द्धन होगा। दुर्गम क्षेत्रों के लोग देव संस्कृति से भली भांति परिचित हैं। लेकिन, शहरों में इस तरह का आयोजन कर आज के युवाओं को देव संस्कृति की महत्ता से अवगत करवाया जा सकता है। यह इस तरह के आयोजनों से ही यह संभव है।