जोगिंद्रनगर (मंडी)। चौहारघाटी के आराध्य देव हुरंग नारायण लघु महाशिवरात्रि जोगिंद्रनगर में शिरकत करने के लिए शुक्रवार को लाव लश्कर के साथ रवाना हुए। 23 मार्च देर शाम देव पशाकोट के साथ बरोट के गलू में पहुंचने के बाद 24 मार्च को देवता हुरंग नारायण, पशाकोट और गलू गहरी से भी मिलन करेंगे।
देवता के बड़े गूर राम सिंह ने बताया कि जोगिंद्रनगर देवता मेले की शोभा बढ़ाने से पहले 25 और 26 मार्च को सच्चाण और कठियाण गांव में देवता की जातर सजेगी। 27 और 28 मार्च को सरी गांव में देवता अपने रथ में विराजमान होकर पहुंचेंगे। 29 मार्च को कोल्थी और नवाश गांव में जातर सजने के बाद 31 मार्च को हराबाग में रात्रि ठहराव करेंगे। पहली अप्रैल दोपहर बाद आराध्य देव हुरंग नारायण देवता मेले की पहली जलेब की अगुवाई करेंगे।
देव पशाकोट के पुजारी जोगिंद्र, बड़े गूर प्रेम सिंह ने बताया कि मंडी जिले में सुख समृद्धि का आशीर्वाद देकर चौहारघाटी के आराध्य देव पहाड़ी बजीर देव पशाकोट देवगढ़ स्थित अपने मूल मंदिर मंठीबजगाण में पहुंचे। उधर मेला कमेटी के अध्यक्ष मनीश चौधरी ने कहा कि मेले के लिए 115 देवी-देवताओं को मेला समिति ने निमंत्रण भेजा है। संवाद