जंजैहली घाटी की सुरक्षा की कार बांधने निकले आराध्य देवता बायला नारायण । स्त्रोत जागरूक पाठक
गोहर (मंडी)। जंजैहली घाटी की सुरक्षा की कार बांधने 11 साल बाद क्षेत्र के आराध्य देवता बायला नारायण चार बड़ की फेरी को आगामी 13 दिसंबर को लाव लश्कर के साथ कूच करने जा रहे हैं। देवता बायला नारायण विष्णु स्वरूप हैं और आगामी 12 दिसंबर को इनका हूम 11 साल बाद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।देवता की जंजैहली क्षेत्र में हार द्वार की रक्षा की रवानगी पर उनका ज्येष्ठ चक्र देव भरमकक्ष भलवाड और देवी गुशैंनी जालपा बायला नारायण के रथ की अगुवानी करेंगे। देवता बायला नारायण अपनी चार बड़ की जंजैहली, बूंग रैल चौक और ढिम कटारु पंचायतों की परिक्रमा कर क्षेत्र में सुरक्षा कार बांधेगे। देवता का एक दिन हूम होगा और करीब छह दिन हार द्वार की फेरी (परिक्रमा) होगी। देवता के 11 साल बाद हो रहे हूम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
देवता के पुजारी पवन शर्मा ने बताया कि देव बायला नारायण अपने क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना न घटे इसे लेकर सुरक्षा कार बांधते हैं। देवता प्राकृतिक आपदा और आसुरी शक्तियों के हार द्वार में प्रभाव को कम करने के लिए परिक्रमा को निकलकर सुरक्षा कार बांधते हैं। पुजारी ने बताया कि देवता कमेटी ने देवता के हूम और फेरी को लेकर अभी तैयारियों को अमलीजामा पहनाया दिया है। आगामी 12 दिसंबर को देवता के हूम में भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्त हाजरी भरेंगे और देवता से आशीर्वाद लेंगे।