कमलेश रतन भारद्वाज
मंडी। जिलाभर के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिले के तीन कॉलेजों में चौथा संकाय चलाने की मंजूरी उच्चतर शिक्षा विभाग ने दी है। मंडी जिले के तीन कॉलेजों में बी-वॉक डिग्री (बेचलर ऑफ वोकेनशल) शुरू करने की अनुमति निदेशालय ने प्रदान कर दी है। इस बाबत वल्लभ कॉलेज मंडी, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर को निदेशालय ने पत्र जारी कर दिया है। इन कॉलेजों में तीन अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। बेचलर ऑफ वोकेशनल के तहत युवा जिले के तीन कॉलेजों में अब रिटेल मैनेजमेंट और हॉस्पिटेलिटी इन टूरिज्म की डिग्री कर सकेंगे।
निदेशालय से मंजूरी मिलते ही कॉलेजों ने प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। कॉलेजों में कोर्स शुरू करने के लिए कमरों और लैब का प्रबंध कॉलेज प्रबंधन करेगा। इसके अलावा टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति उच्चतर शिक्षा विभाग के माध्यम से की जाएगी। प्रदेश के 500 से अधिक सरकारी स्कूलों में विभिन्न विषयों में वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं। ऐसे में इन कोर्सों की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी अपनी पसंद के विषय में डिग्री करने का मौका मिलेगा। बेचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री में किसी भी संकाय के छात्र प्रवेश ले सकते हैं। 15 अक्तूबर तक यदि स्वीकृत सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं तो मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा हर कॉलेज में कम से कम 25 व अधिकतम 40 सीटें होंगी। इसके अलावा कॉलेज में प्रथम सत्र की पढ़ाई कर रहे छात्र भी इसमें माइग्रेशन करवा सकते हैं।
यूपीएससी से मिली मान्यता
बी-वॉक कोर्सों को अब डिग्री का दर्जा दिया गया है। इसे अब यूपीएससी से भी मान्याता मिल गई है। जिससे अब एचएएस और आईएएस के परीक्षा देने के लिए बेचलर ऑफ वोकेशनल के छात्र भी पात्र होंगे। यदि तीन साल की इस डिग्री को छात्र एक साल के बाद छोड़ देते हैं तो उन्हें डिप्लोमा, दो वर्ष की पढ़ाई के बाद एडवांस डिप्लोमा व तीन वर्ष तक पढ़ाई के बाद डिग्री दी जाएगी। तीन वर्ष तक कोर्स करने वाला छात्र हर स्नातक स्तरीय परीक्षा के पात्र माना जाएगा।
कोट्स
निदेशालय से बेचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री शुरू करने की मान्यता मिल गई है। तीन से 15 अक्तूबर तक कोर्सों में प्रवेश लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं।
..डा. अशोक अवस्थी प्राचार्य वल्लभ कॉलेज मंडी
प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। तीनों संकाय के जमा दो में पास छात्र इसमें प्रवेश ले सकते हैं। सेल्फ फाइनेंस के आधार पर चौथा संकाय चलेगा।
..डीआर ठाकुर समन्वयक बी-वॉक