मंडी। रत्ती खड्ड में भारी मात्रा में मछलियों की सामूहिक मौत और जल प्रदूषण के मामले में जिला उद्योग केंद्र की ओर से दिया गया कारण बताओ नोटिस का जवाब हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को रास नहीं आया। बोर्ड ने इस जवाब को पूरी तरह असंतोषजनक करार दिया है।
वहीं, बोर्ड के कड़े रुख के बाद उद्योग विभाग ने क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन की मरम्मत करवा दी है। 12 जून को मिली शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मत्स्य व उद्योग विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था।
जांच में पाया गया कि औद्योगिक क्षेत्र के सेप्टिक टैंक का कनेक्शन टूटने के कारण बिना उपचारित सीवरेज सीधे रत्ती खड्ड में बह रहा था, जिससे पानी जहरीला हो गया और मछलियों की जान चली गई। बोर्ड ने इसे जल अधिनियम 1974 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का गंभीर उल्लंघन माना है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विनय ने बताया कि डीआईसी का जवाब संतोषजनक नहीं है। अधिकारियों ने खड्ड के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, जिसकी अंतिम रिपोर्ट वीरवार को आएगी। इस लैब रिपोर्ट के आधार पर ही बोर्ड आगामी कार्रवाई तय करेगा।