मंडी पठानकोट हाईवे पर घट्टा से नारला की अलाइनमेंट को बदलने पर जोगिंद्रनगर में आक्रोशित दस पंचाय
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोट से मंडी के बीच बनने वाले फोरलेन के फेज-4 घटटा से नारला की अलाइनमेंट को बदलने के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार को दस पंचायतों के ग्रामीणों ने एनएचएआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। जोगिंद्रनगर से करीब चार किलोमीटर दूर गलू के समीप करीब ग्रामीणों ने एनएचएआई के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की भी चेतावनी दे डाली।
पधर, जोगेंद्रनगर फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृज गोपाल अवस्थी ने धरने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार-विमर्श नहीं किया तो लोकसभा चुनावों का भी बहिष्कार किया जाएगा। मांगों को लेकर सांसद प्रतिभा सिंह, हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मिल चुके है। यहां तक दिल्ली में भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में जा कर भी पुनर्विचार करने का आह्वान कर चुके हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट चुका है।
संघर्ष समिति के वक्ताओं में जिला परिषद सदस्य विजय भाटिया, पधर से सोवरदत्त, पस्सल चौंतडा के प्रधान विशाल राठौर, गुम्मा की प्रधान रूमा देवी, उपप्रधान ज्ञान चंद, चौंतड़ा के युवा नेता विनोद जसवाल, गुम्मा के बयोवृद्ध गायत्री दत्त शर्मा ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रदेश सरकार ने पुरानी अलाइनमेंट को मंजूरी दी थी। बावजूद इसके घट्टा से ग्रामीण क्षेत्र भराडू, कस से नई अलाइनमेंट को तैयार कर किसी बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा गया।
फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृज गोपाल अवस्थी ने कहा कि घट्टा से नारला को पुरानी अलाइनमेंट से छेड़छाड़ कर नई अलाइनमेंट के तर्क दिए जा रहे हैं, वे भी संदेह के घेर में हैं। पुरानी अलाइनमेंट पर 700 करोड खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, जबकि नई अलाइनमेंट के सर्वे में एनएचएआई ने तीन गुना बढ़ोतरी के साथ लगभग 2300 करोड़ रुपये खर्च करने में दिलचस्पी दिखाई है। अवस्थी ने कहा कि 12 मई को फिर जन आंदोलन एनएचएआई के खिलाफ किया जाएगा। इसकी रणनीति के लिए समिति के सदस्यों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई है।