मंडी। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ बिजली बोर्ड को निजी कंपनी को सौंपने पर मंगलवार को मंडी में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन राष्ट्रीय समन्वय विद्युत बोर्ड कर्मचारी एवं अधिकारी एसोसिएशन के आह्वान पर किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदास ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ बिजली बोर्ड को जबरन निजी कंपनी को 871 करोड़ रुपये में बेचा जा रहा है।
बोर्ड की कीमत 22 हजार करोड़ से अधिक है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने बिजली बोर्ड को अभी तक कंपनी के सुपुर्द नहीं किया है। इस समय चंडीगढ़ बिजली बोर्ड 174 करोड़ रुपये से ज्यादा के मुनाफे में चल रहा है।
बोर्ड के निजीकरण को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने भी विरोध जताया है। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड में विभिन्न पदों के युक्तिकरण का भी विरोध किया है। प्रदर्शन में विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के कर्मचारी और इंजीनियर अधिकारी मौजूद रहे। संवाद