मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव स्थल पड्डल में अब की बार पैगोड़ा शैली के 85 अस्थायी शिविरों में देवी-देवता विराजेंगे। देवलुओं की सुविधा के लिए राज देवता माधोराय मंदिर परिसर में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर डीआरडीए हाल मंडी में शनिवार को देवता उपसमिति की बैठक संयोजक एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार की अध्यक्षता में हुई।
उन्होंने कहा कि महोत्सव में पहुंचने वाले सभी देवी-देवताओं का पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाएगा, जिसके लिए आवश्यक कमेटियों का गठन कर लिया गया है। पड्डल मेला मैदान में देवताओं के बैठने के लिए पहली बार पैगोड़ा शैली के 85 अस्थायी शिविर लगाए जाएंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि देवी-देवताओं के ठहराव स्थलों पर बिजली, पानी तथा स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर निगम को संस्कृति सदन में अतिरिक्त कूड़ेदान स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि देवी-देवताओं के ठहरने के स्थानों पर लगाई गई पानी की टंकियों से पानी व्यर्थ न बहे। विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए समय रहते आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे किए जाएं। लोक निर्माण विभाग को चल रहे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने तथा सड़कों के किनारे पड़ी निर्माण सामग्री को महोत्सव आरंभ होने से पूर्व हटाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए विभागों की ओर से नोडल अधिकारी बनाए जाएं ताकि समय रहते बिजली, पानी की समस्या का निपटारा किया जा सके।
आमजन से आह्वान किया कि महोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। महोत्सव के दौरान निकलने वाली शाही जलेब निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार निकाली जाएंगी तथा इनमें सभी देव परंपराओं का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल शर्मा ने बैठक में देवी-देवताओं एवं देवलुओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। संवाद