मंडी। सीटू से संबंधित मनरेगा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण मजदूर यूनियन राज्य कमेटी की बैठक मंडी में राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। निर्णय लिया कि केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा कानून को खत्म करके लाए नए वीबी जी राम जी कानून के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मनरेगा कानून की बहाली और चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग के लिए 12 फरवरी को ब्लाॅक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। उससे पहले 20 जनवरी से गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसमें मनरेगा मजदूरों की बैठकें होंगी, पर्चा वितरण किया जाएगा। निर्णय लिया गया कि राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के पास एक लाख से अधिक मजदूरों के पांच सौ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता लंबे अरसे से रुकी हुई है और अभी तक इस वित्त वर्ष में केवल 30 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं।
प्रस्ताव पारित किया गया कि जिन मजदूरों के आवेदन 2022 से पहले के जमा हुए हैं उनकी सहायता बिना ईकेवाईसी के जारी होनी चाहिए, क्योंकि ईकेवाईसी का नियम उसी साल बना था। बैठक में बीआरओ, राष्ट्रीय उच्च मार्गों में काम करने वाले मजदूरों तथा प्रवासी मजदूरों को भी प्राथमिकता के आधार पर संगठित किया जाएगा। राजस्थान में 6 से आठ फरवरी को होने वाले निर्माण फेडरेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के चार प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनमें हमीरपुर से जोगिंदर कुमार, शिमला से अमित कुमार, मंडी से भूपेंद्र सिंह और हमीरपुर से संतोष कुमार शामिल हैं। संवाद