लाखों टन मलबे को हटा रहीं चंद मशीनें
मंडी से पंडोह के बीच पिछली बरसात को गिरा था मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। अप्रैल खत्म हाेने को है। मई के बाद जून में प्री मॉनसून की दस्तक हो जाती है। ऐसे में बरसात से ठीक पहले एनएचएआई और केएमसी कंपनी को मंडी से पंडोह के बीच गिरे मलबे को हटाने की याद आ गई है। मंडी से पंडोह के बीच 2023 की बरसात के दौरान कई जगह भारी मलबा गिरा हुआ है। अब लगभग आठ माह बाद जब टूरिस्ट सीजन शुरू होने वाला है, तब जाकर इस मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है।
मंडी से पंडोह के बीच लाखों टन मलबा गिरा हुआ है जिसे हटाने के लिए चंद मशीनें ही तैनात की गई हैं। इससे मलबा हटाने का कार्य भी धीमी गति से हो रहा है। लोगों को भी परेशानी हो रही है। पंडोह निवासी टेक सिंह, अश्वनी पठानिया और मंडी निवासी रजनीश गुप्ता का कहना है कि इतने लंबे समय तक यहां पर सड़क को व्यवस्थित करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया और अब जाकर इसकी दशा सुधारने के लिए कार्य किया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि मलबा हटाने के लिए ज्यादा मशीनरी तैनात की जाए। छह मील और नौ मील के पास मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। यहां जिस तादाद में मलबा गिरा है, उस तादाद में उसे हटाने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मंडी से पंडोह के बीच दिन में दो शिफ्टों सुबह और दोपहर बाद एनएच कार्य में तेजी लाने के लिए दो-दो घंटे के लिए यातायात रोका जा रहा है।
जाम में फंस रहे विद्यार्थी और कर्मचारी
सड़क को दिन में दो बार दो-दो घंटों के लिए बंद किया जा रहा है। पहला ब्लॉकेज सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक लगाया जा रहा है जबकि दूसरा शाम 3:15 बजे से 5:15 बजे तक लगाया जा रहा है। पंडोह की तरफ से मंडी और मंडी की तरफ से पंडोह जाने वाले स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को इसके कारण परेशान होना पड़ रहा है। जैसे ही यह लोग छुट्टी के बाद यहां पहुंच रहे हैं तो वैसे ही ब्लॉकेज लग जा रहा है। इससे इन्हें जाम में दो घंटों तक फंसे रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। इन्होंने इस समय को रात को शिफ्ट करने की मांग उठाई है।
मौके पर जगह के अनुसार दो-दो मशीनें लगाई गई हैं। कंट्रोल ब्लास्टिंग भी की जाएगी। फिलहाल 15 दिन के लिए यह काम किया जा रहा है। प्री मानसून से पहले मलबा हटाने का लक्ष्य है। -वरुण चारी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई मंडी।