मंडी। ग्राम पंचायत भरौण के दुदर गांव में वीरवार को बेटी ने अपने पिता की अर्थी को कांधा दिया। मुखाग्नि समेत अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। अभी कुछ ही समय हुआ जब इसी गांव की एक अन्य बेटी ने भी कोई सगा भाई न होने पर अपने पिता की अर्थी को कांधा देकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाई थीं।
दुखद पहलू यह है कि दुदर गांव के कमलकांत पटयाल उर्फ सिद्धू की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। अभी आठ-नौ माह पूर्व ही उसके नौजवान बेटे ने घर में ही बंदूक दुर्घटना में अपनी जान गंवाई थी। लगभग 15-18 साल पहले कमलकांत की पत्नी भी पेड़ से गिरकर इस दुनिया को छोड़ गई थी। ऐसे में उसकी एकमात्र बेटी ने अपने पिता की अर्थी को कांधा और मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में अदा कीं। कमलकांत शिक्षा विभाग में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। संवाद