भलस्वा डंपिंग यार्ड में लगी आग
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मंडी। मंडी में जल्द ही क्लस्टर डंपिंग साइट का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शहरी विकास विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, अभी इसके लिए साइट चिन्हित नहीं की गई है। लेकिन, निदेशालय में अगले सप्ताह होने वाली बैठक में इसे लेकर चर्चा की जाएगी। क्लस्टर डंपिंग साइट में दो से तीन नगर निकायों का कूड़ा एक साथ डंप किया जाएगा। फिलहाल विभाग मंडी में एक ही क्लस्टर साइट का निर्माण करने की योजना बना रहा है। इसके बाद बचे हुए नगर निकायों के लिए मंडी के अलावा अन्य स्थानों पर भी क्लस्टर डंपिंग साइट बनाई जा सकती हैं।
लंबे अरसे से नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट 2016 के तहत अब सूबे के नगर निकायों में डोर टू गारबेज कलेक्शन योजना शुरू करना अनिवार्य हो गया लेकिन, जिलाभर के लगभग सभी नगर निकायों को कूड़ा ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग साइट न मिलने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिले में वर्तमान में तीन नगर परिषद और चार नगर पंचायतें हैं। नगर परिषद मंडी व सुंदरनगर और नगर पंचायत सरकाघाट में डो टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना लागू हो पाई है। इसके अलावा तीन नगर पंचायतों रिवालसर, करसोग, जोगिंद्रनगर तथा नगर परिषद नेरचौक में यह योजना लागू नहीं हो पाई है। डंपिंग साइट के लिए जगह न मिलने से यह योजना लागू नहीं हो पा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए अब विभाग ने एक क्लस्टर डंपिंग साइट विकसित करने की योजना बनाई है।
कूड़ा ठिकाने लगाने को लेकर कई बार हुआ विवाद
नगर परिषद सुंदरनगर के बाद नप मंडी ने नेरचौक का कूड़ा लेने से मना कर दिया है। नगर पंचायत करसोग तथा नगर पंचायत जोगिंद्रनगर में भी डंपिंग साइट न होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। नपं करसोग में कूड़ा ठिकाने लगाने को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। यहां पर डंपिंग साइट न मिलने से प्रशासन को दिक्कतें पेश आ रही है। वहीं, जोगिंद्रनगर में यही हालात है। यहां पर योजना लागू करना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
निदेशालय में होने वाली आगामी बैठक में क्लस्टर डंपिंग साइट को लेकर चर्चा की जाएगी, ताकि दो से तीन नगर निकायों का कूड़ा एक जगह पर ठिकाने लगाया जा सके। इससे डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना लागू करने में आसानी रहेगी।
..उर्वशी वालिया कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद मंडी