जोगिंद्रनगर में कृषि विभाग के बीज फार्म में की गई गेहूं की बीजाई।स्रोत विभाग
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जनवरी में भी बारिश न होने से रबी फसलें प्रभावित होने लग पड़ी हैं। नुकसान से बचने के लिए कृषि विभाग के विशेषज्ञ फील्ड पर उतरकर किसानों को अपने स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था करने का आह्वान कर रहे हैं। द्रंग और चौंतड़ा में करीब 14 हजार हेक्टेयर भूमि पर बीजी गई गेहूं, जौ, मटर, आलू, बंदगोभी, लहसुन, प्याज और फूलगोभी की फसल के लिए पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से किसानों को चिंता सता रही है।
कृषि प्रसार अधिकारी तेज सिंह ने बताया कि गेहूं और चने की अच्छी फसल के लिए वर्षा का इंतजार है। इधर सूखे की मार से द्रंग और चौंतड़ा के हजारों किसान भी परेशान है। ढेलू पंचायत के प्रगतिशील किसान रमेश कुमार, संजीव, अजय ने बताया कि नवंबर में सिंचाई के लिए कूहलों में पानी उपलब्ध होने से किसानों ने उपरोक्त फसलों की बिजाई कर ली है। वहीं द्रंग क्षेत्र में अभी भी किसान वर्षा पर आस लगाए हुए है। यहां पर गेहूं के बिजाई अभी भी होनी है।
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दिसंबर- जनवरी में बारिश न होने से रबी सीजन में रोपी गई फसलों पर बुरा असर पड़ा है। वर्षा आधारित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान की अधिक संभावनाएं है। किसानों को अपने स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
-पूर्ण चंद, कृषि विशेषज्ञ विषयवाद, विकास खंड द्रंग, कृषि विभाग