मंडी। जिलाभर में भारी बारिश और ओलावृष्टि से नगदी फसलों को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा ओलावृष्टि बल्ह और सराज घाटी में हुई है। यहां टमाटर, मटर, सेब सहित गुठलीदार फलों की फसल प्रभावित हुई है। बल्ह के कई किसानों की टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सराजघाटी के जंजैहली, थुनाग शिल्हीबागी, लंबाथाच के उलीनाल, कांडा, नवाणी, थनुटा, गुलाच, भाटकीधार, कटारू, रकचूई, चैंढी, जरोल सहित समूचे क्षेत्र में सेब, मटर और अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। मई माह में हुई ओलावृष्टि से सराजघाटी में सेब की लगभग 70 फीसदी फसल खत्म हो गई है।
इसके अलावा बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की कटाई का काम भी प्रभावित हुआ है। वहीं, बल्हघाटी में ओलावृष्टि से टमाटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। घाटी के नेरचौक, रती, साई स्टॉप, राजगढ, नागचला सहित अन्य क्षेत्रों में फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। किसान गंगाराम, राकेश, राजेश, राजकुमार सैणी, नाथूराम, माधुराम ने कहा कि उन्होंने आठ से दस बीघा में टमाटर की फसल लगाई है जो ओलावृष्टि ने बर्बाद कर दी है। उन्होंने कृषि विभाग से ओलावृष्टि के नुकसान का मुआवजा देने की गुहार लगाई है। जिले के करसोग उपमंडल के पांगणा सहित कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है।
दिन में ही छा गया अंधेरा
मंडी मुख्यालय समेत मनाली चंडीगढ़ एनएच पर दिन के करीब तीन बजे अंधेरा छा गया। तूफान और ओलावृष्टि के बीच वाहन चालकों को गाड़ियों की हेडलाइट जलानी पड़ी। हालांकि इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। इस दौरान सैलानियों सहित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा
स्टाफ को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश
बागवानी विभाग के एचडीओ संजय भारद्वाज ने कहा कि ओलावृष्टि से सराज में सेब सहित अन्य फसलेें प्रभावित हुई हैं। जोगिंद्रनगर उपमंडल की मैन भरोला पंचायत के गांव मोरडुघा,लघां, बटोहलू, कूट, खेतडृू, भालारिहड़ा, गदयाड़ा, गयोला, नाग, चांदनी और इलाका जगतपुर में लगभग एक घंटे तक बारिश, ओलावृष्टि और तूफान के चलते टमाटर, भिंडी, बैगन सहित अखरोट, पलम, आडू, आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। वहीं, एसडीएम बल्ह संजीव धीमान ने कहा कि फील्ड स्टाफ को स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
कैसे चुकाएंगे बैंक का लोन
सराजघाटी के बागवान सतीश ठाकुर ने कहा कि सेब की फसल को ओलावृष्टि से बचाने के लिए नेट लगाया है। लेकिन, अन्य फसलें ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि फयार गांव के अधिकतर किसानों ने बैंकों से लोन ले रखा हैं। फसल न होने के कारण अब बैंक का लोन चुकाना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने फसल बीमा कंपनी से पूरे क्षेत्र का जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।