अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने चेक बाउंस मामले के आरोपी को दोषी करार देते हुए एक साल कारावास की सजा सुनाई है। चेक बाउंस की राशि एक लाख 10 हजार को जुर्माने के साथ लौटाने के भी आदेश दिए हैं।
जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मंगलवार को अदालत ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। जानकारी के मुताबिक एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड मंडी की ओर से शाखा प्रभारी एवं प्रिंसिपल ऑफिसर हितेंद्र कुमार द्वारा दायर याचिका में कहा था कि उनकी शाखा की तरफ से मंडी शहर के सुहड़ा मोहल्ला निवासी सुरेश कुमार पुत्र सुंका राम को मकान के लिए कर्जा दिया था। इसमें उसने कुछ कर्जा तो चुका दिया मगर इसकी एवज में एक 88 हजार रुपये का एक चेक बैंक ने इस टिप्पणी के साथ लौटा दिया कि सुरेश कुमार के खाते में इतने पैसे नहीं हैं।
दोषी को कई बार पैसे अदा करने को कहा। मगर जब उसने जमा नहीं करवाए तो नोटिस जारी किया गया। जब नोटिस का भी जवाब नहीं दिया तो अदालत में इस मामले को दायर किया गया। अदालत ने वकील महेश चोपड़ा की दलीलों से सहमत होते आरोपी को दोषी करार दिया है।